
रायपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान के बाद अब प्रदेश संगठन में संभावित बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई राज्यों में प्रदेश प्रभारियों में बदलाव की अटकलों के बीच छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी को लेकर भी पार्टी के अंदर सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
संगठन और राजनीतिक गलियारों में नए प्रदेश प्रभारी के लिए स्मृति ईरानी, सुनील बंसल, गजेंद्र पटेल और हरीश द्विवेदी जैसे नामों की चर्चा है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी इनमें से किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
स्मृति ईरानी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
संभावित प्रदेश प्रभारी के तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जा रहा है। पश्चिम बंगाल चुनाव में उनकी भूमिका और आगामी पंजाब चुनाव से जुड़ी जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण स्थान मिला है।
राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी उनके अनुभव और राजनीतिक कद को देखते हुए किसी महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी सौंप सकती है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ का नाम भी चर्चा में है।
सुनील बंसल का नाम भी दौड़ में
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल भी छत्तीसगढ़ के संभावित प्रभारी के तौर पर चर्चा में हैं। संगठन विस्तार और चुनावी प्रबंधन में उनका लंबा अनुभव रहा है। उत्तर प्रदेश में भाजपा संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
नई राष्ट्रीय टीम में भी बंसल को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी मिली है। ऐसे में संगठनात्मक अनुभव के आधार पर उन्हें किसी महत्वपूर्ण राज्य का प्रभार दिए जाने की संभावना पर चर्चा हो रही है।
गजेंद्र पटेल और हरीश द्विवेदी के नाम भी चर्चा में
संभावित नामों में राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए गजेंद्र पटेल और हरीश द्विवेदी भी शामिल हैं। दोनों नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं और पार्टी राज्यों में अनुभवी नेताओं के जरिए संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की रणनीति अपना सकती है।
सरकार और संगठन के बीच समन्वय की होगी बड़ी जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है। ऐसे में प्रदेश प्रभारी की भूमिका केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगी। नए प्रभारी के सामने सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और आगामी चुनावों के लिए संगठन को मजबूत करने की अहम जिम्मेदारी होगी।
भाजपा के लिए छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूत रखना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी आगामी चुनावी रणनीति को अभी से धार देने में जुटी है।
हालांकि स्मृति ईरानी, सुनील बंसल, गजेंद्र पटेल या हरीश द्विवेदी में से किसी को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाए जाने की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। फिलहाल ये सभी नाम संभावित चेहरों के तौर पर ही चर्चा में हैं। अंतिम फैसला भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।