इंदौर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। संस्था पुरुषार्थ के अध्यक्ष नानूराम कुमावत ने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखकर कार्यक्रम में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण सामूहिक गान को लेकर सार्वजनिक जवाब मांगा है।
संस्था ने सवाल उठाया है कि यदि कांग्रेस इस आयोजन को छात्रों से जुड़ा गैरराजनीतिक कार्यक्रम बता रही है, तो फिर कार्यक्रम की शुरुआत या समापन सामूहिक रूप से वंदे मातरम् के पूर्ण गान से करने में आपत्ति क्यों होनी चाहिए?

‘वंदे मातरम् किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं’
संस्था पुरुषार्थ ने अपने पत्र में कहा है कि जब हजारों विद्यार्थी एक मंच पर जुटेंगे और राहुल गांधी जैसे राष्ट्रीय नेता कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे, तो स्वतंत्रता आंदोलन की चेतना से जुड़े वंदे मातरम् का सामूहिक गायन क्यों नहीं होना चाहिए।
संस्था का कहना है कि वंदे मातरम् किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। इसलिए छात्रों के इस आयोजन में इसका सामूहिक गायन राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का संदेश दे सकता है।
मां अहिल्याबाई की कर्मभूमि का दिया हवाला
नानूराम कुमावत ने पत्र में इंदौर और मालवा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया है। संस्था ने कहा कि मां अहिल्याबाई होलकर की कर्मभूमि और मालवा की शौर्यधरा पर होने वाले आयोजन में युवाओं के बीच राष्ट्रभक्ति के स्वर गूंजना गौरव की बात होगी।
पत्र में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2025-26 में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का राष्ट्रीय स्मरण किया जा रहा है। ऐसे में युवाओं के कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन को शामिल करने की मांग और महत्वपूर्ण हो जाती है।
गान नहीं हुआ तो बहिष्कार की चेतावनी
संस्था पुरुषार्थ ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से इस मुद्दे पर अपना रुख सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग की है। संस्था ने चेतावनी दी है कि यदि 19 सितंबर के प्रस्तावित छात्र सम्मेलन में पूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गान शामिल नहीं किया गया, तो वह कार्यक्रम के बहिष्कार का कदम उठाएगी।
राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर दौरे से पहले सामने आए इस विवाद के बाद अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के जवाब पर सबकी नजर है। फिलहाल इस मांग को लेकर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।