भोपाल। दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पुलिस हिरासत में लिए जाने के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने राज्यभर में विरोध-प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। राजधानी भोपाल में विधानसभा परिसर के भीतर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राजभवन के सामने धरना देकर विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों और ब्लॉक स्तर पर भी प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को हिरासत में लिया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कार्रवाई का शांतिपूर्ण लेकिन व्यापक विरोध करेगी।

जीतू पटवारी ने कहा कि जब तक राहुल गांधी को रिहाई नहीं मिलती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी रात धरने पर डटे रहेंगे।
दरअसल, दिल्ली में छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के कई दौर हुए, लेकिन सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।
इसी कार्रवाई के विरोध में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। हालांकि, हिरासत में लिए जाने की परिस्थितियों और कार्रवाई को लेकर संबंधित पक्षों की अपनी-अपनी दलीलें हैं।