रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था और आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन की निगरानी को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय है। देर रात रीवा कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) अचानक आयुष्मान भारत योजना से जुड़े एक निजी अस्पताल पहुंचे और औचक निरीक्षण किया।

अधिकारियों के अचानक अस्पताल पहुंचने से संचालकों और स्टाफ में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की सामान्य व्यवस्थाओं, भर्ती मरीजों के उपचार और इलाज से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई।
अस्पताल की व्यवस्थाओं और दस्तावेजों की जांच
कलेक्टर और एसपी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उपचार और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही इलाज से जुड़े रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच-पड़ताल की गई।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही। हालांकि, निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को क्या-क्या कमियां मिलीं, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
आयुष्मान योजना के भुगतान को लेकर उठे सवाल
अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को मिलने वाले लाभ, इलाज के बिल और भुगतान से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठने की बात सामने आई है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इन मामलों में किसी तरह की अनियमितता की पुष्टि नहीं की गई है।
कलेक्टर ने औचक निरीक्षण को ‘रूटीन जांच’ का हिस्सा बताया है।
जांच रिपोर्ट के बाद सामने आएगी स्थिति
औचक निरीक्षण के दौरान किन बिंदुओं की जांच की गई और क्या कमियां सामने आईं, इसकी आधिकारिक विस्तृत जानकारी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासनिक स्तर पर अस्पताल से जुड़े दस्तावेजों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
जिला प्रशासन का यह निरीक्षण आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पतालों की कार्यप्रणाली की निगरानी के लिहाज से किया गया है।