मध्यप्रदेश के सागर में जहरीली शराब के सेवन से बीमार हुए लोगों से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुलाकात की। 9 सितंबर को नई दिल्ली से सीधे सागर पहुंचे मुख्यमंत्री जिला अस्पताल गए और भर्ती मरीजों का हाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और बेहतर एवं समुचित उपचार के साथ सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा की। उन्होंने प्रशासन को दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए फ्री हैंड देने की बात कही।

‘दोषियों पर ऐसी कार्रवाई होगी कि दोबारा हिम्मत नहीं होगी’
मरीजों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम मोहन यादव ने कहा कि उन्होंने जहरीली शराब से प्रभावित लोगों से मुलाकात की है और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पूरे मामले पर चर्चा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को कठोर से कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी आवश्यकता हो, वहां कार्रवाई की जाए और अवैध अतिक्रमण जैसे मामलों में भी एक्शन लिया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को सीमावर्ती राज्यों के प्रशासन के साथ भी समन्वय करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी कि भविष्य में कोई इस तरह का काम करने की हिम्मत न करे।
शराब कांड पर सरकार ने पूरे प्रदेश में दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना को लेकर पूरे प्रदेश में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने प्रशासन को अवैध गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत के मुताबिक कार्रवाई करने को कहा है।
सीएम ने कहा कि सरकार शराबबंदी को लेकर धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर अभियान भी चला रही है।
‘कांग्रेस के समय कठोर कानून नहीं था’
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस शासन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ऐसे मामलों से निपटने के लिए इस तरह के कठोर कानून नहीं थे।
सीएम के मुताबिक, मौजूदा सरकार ने कानून में धारा 49-क और 304 को जोड़ते हुए गंभीर प्रावधान किए हैं, जिनमें हत्या से लेकर आजीवन कारावास और मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान बताया गया है।
हालांकि, इस कानूनी प्रावधान के वास्तविक इस्तेमाल और किसी आरोपी पर कौन-सी धारा लागू होगी, यह संबंधित मामले के तथ्यों और जांच पर निर्भर करेगा।
CM की कांग्रेस से अपील- ‘राजनीति नहीं, मिलकर करें सामना’
मुख्यमंत्री ने सागर की घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि किसी परिवार में पिता या बेटे की मौत होना बेहद कष्टकारी है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं से भी अपील की कि ऐसे संवेदनशील मामले में राजनीति करने के बजाय एकजुटता दिखाई जाए। मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष से अपील करते हुए कहा कि सभी को मिलकर इस चुनौती का सामना करना चाहिए।
प्रशासन को कार्रवाई की खुली छूट
मुख्यमंत्री के सागर दौरे के बाद अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी। सरकार ने अवैध शराब के नेटवर्क और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है।
वहीं, अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और उनकी स्थिति की निगरानी भी प्रशासन के लिए प्राथमिकता बनी हुई है।