September 14, 2026

रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण विभाग (PWD) के पिछले ढाई वर्षों के कामकाज, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य के विकास का आधार है और सरकार सड़कों, पुलों तथा भवनों के निर्माण के साथ विभागीय कामकाज में तेजी और प्रशासनिक कसावट लाने पर लगातार काम कर रही है।

साव ने बताया कि दिसंबर 2023 में सरकार बनने के बाद से अब तक 12,666 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 1,572 निर्माण कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें 1,285 सड़कें, 247 पुल और 42 भवन शामिल हैं।

2025-26 में मिली रिकॉर्ड स्वीकृति

लोक निर्माण मंत्री के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 विभाग के लिए ऐतिहासिक रहा। इस दौरान 9,129 करोड़ 18 लाख रुपये के 993 कार्यों को मंजूरी दी गई। यह राज्य गठन के बाद पिछले 25 वर्षों में विभाग को मिली सबसे बड़ी प्रशासकीय स्वीकृति है।

इनमें:

  • 754 सड़कें — 5,129.60 किमी
  • 200 पुल
  • 39 भवन

शामिल हैं।

वित्तीय वर्षवार मिली मंजूरी

दिसंबर 2023 से मार्च 2024 तक 551 करोड़ 42 लाख रुपये के 80 कार्य स्वीकृत किए गए। इनमें 374 किमी लंबी 72 सड़कें, 6 पुल और 2 भवन शामिल थे।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2,590 करोड़ 70 लाख रुपये के 438 कार्यों को मंजूरी मिली। इनमें 1,465 किमी लंबी 400 सड़कें, 37 पुल और एक भवन शामिल हैं।

वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 अगस्त तक 608 करोड़ रुपये के कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें 608.20 किमी लंबी 59 सड़कें और 2 पुल शामिल हैं।

7 नए संभागीय और 12 उप संभागीय कार्यालय शुरू

अरुण साव ने बताया कि निर्माण कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए पिछले ढाई वर्षों में PWD के प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत किया गया है। इस दौरान 7 नए संभागीय कार्यालय और 12 नए उप संभागीय कार्यालय शुरू किए गए हैं।

सरकार की प्राथमिकताओं में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का निराकरण भी शामिल है।

जल्द लागू होगा WAMIS सिस्टम

विभागीय कार्यों को तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाने के लिए जल्द ही WAMIS (Work and Accounts Monitoring Integration System) लागू किया जाएगा। इसके जरिए DPR तैयार करने से लेकर कार्यों की स्वीकृति समेत विभिन्न प्रक्रियाओं को ऑनलाइन और एकीकृत प्रणाली से संचालित किया जाएगा।

सरकार का दावा है कि इससे प्रक्रियाओं में लगने वाला समय कम होगा और निर्माण कार्यों की निगरानी, पारदर्शिता तथा गुणवत्ता में सुधार आएगा।

अरुण साव ने कहा कि सरकार “लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण” के मूलमंत्र के साथ प्रदेश में सड़क, पुल और भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को नई गति देने के लिए काम कर रही है।

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