धार। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 अक्टूबर को धार जिले को बड़ी सौगात दी। उन्होंने सरदारपुर स्थित खेल परिसर से 2,387.60 करोड़ रुपये की नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना से धार और झाबुआ जिले के 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और करीब 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री ने परियोजना के तैयार रूट मैप का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने 188 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी और स्टॉल का निरीक्षण कर उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया, विशेषताओं और उपयोगिता की जानकारी ली। इसके साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 16.70 लाख किसानों के खातों में 317.86 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए।
सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरदार सरोवर बांध के बाद अलग-अलग परियोजनाओं के माध्यम से धार-झाबुआ क्षेत्र को नर्मदा जल उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2,387 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी सौगात है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में केवल 7.5 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी। वर्ष 2023 तक यह रकबा बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हुआ और पिछले ढाई साल में सरकार ने इसे 60 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया है। अब राज्य सरकार ने सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा कि सूखे खेतों तक पानी पहुंचने से किसानों की फसल बेहतर होगी। सरकार कृषि और उद्योग सहित हर क्षेत्र में काम कर रही है। किसानों की समृद्धि ही सरकार का ध्येय है।
किसानों और महिलाओं का पलायन रोकने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। धार को रेलवे लाइन की सौगात मिल चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर धार में पीएम मित्र पार्क की सौगात दी थी।
उन्होंने बताया कि पीएम मित्र पार्क से निमाड़-मालवा क्षेत्र के करीब 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। यहां कपास से धागा, धागे से कपड़ा और कपड़े से रेडीमेड गारमेंट्स तैयार किए जाएंगे। परियोजना से प्रदेश के करीब 3 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार-झाबुआ के युवाओं, किसानों और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसर मिलेंगे, जिससे पलायन रोकने में मदद मिलेगी।
डेयरी शुरू करने पर 10 लाख रुपये तक का अनुदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और लाड़ली बहनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता जारी रहेगी। किसान कल्याण वर्ष में किसानों को लगातार लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजना शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि यदि कोई किसान 43 लाख रुपये की लागत से 25 गाय-भैंस खरीदकर डेयरी शुरू करता है, तो सरकार की ओर से उसे 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इससे दूध उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय और समृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा शुरू की गई है, जिससे त्योहारों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
स्वामित्व योजना में 50 लाख मुफ्त रजिस्ट्रियों का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत सरकार ने 50 लाख नि:शुल्क रजिस्ट्रियां कराने का संकल्प लिया है। इससे गांवों में रहने वाले लोगों को उनके मकान और जमीन की कानूनी रजिस्ट्री मिल सकेगी। इसके आधार पर वे बैंक या अन्य वित्तीय संस्थाओं से ऋण लेने के पात्र भी बन सकेंगे।
उन्होंने बताया कि अमका-झमका माता के स्थान को श्रीकृष्ण पाथेय योजना में शामिल कर तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मान्यता के अनुसार, इसी स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण ने माता रुक्मणी से विवाह किया था।
धार को मेडिकल कॉलेज की सौगात देने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले को कुल करीब 2,400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमें माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के अलावा 25 करोड़ रुपये की लागत से बने चार पुलों और 15 करोड़ रुपये के विद्यालय भवनों सहित 50 बेड के अस्पताल का लोकार्पण शामिल है।
कार्यक्रम में 188 करोड़ रुपये के 35 नए कार्यों का भूमिपूजन भी किया गया। इनमें कन्या विद्यालय भवन, आईटीआई भवन और अमका-झमका माता मंदिर में 3 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजना से छूटे गांवों को भी जल्द जोड़ा जाएगा। धार को बहुत जल्द मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भगोरिया पर्व को उनकी सरकार ने राष्ट्रीय उत्सव का दर्जा दिया है।
कैलाश विजयवर्गीय बोले- किसान अब तीन फसल ले सकेंगे
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री और धार जिले के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 100 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का संकल्प लिया है। माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के करीब 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे।
उन्होंने दावा किया कि पहले इस परियोजना को असंभव बताया गया था, लेकिन अब किसान नर्मदा और माही के जल से एक के बजाय तीन फसलें ले सकेंगे। विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब और जरूरतमंदों को नि:शुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है और जल्द ही प्रदेश के हर हिस्से तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने का प्रयास है।
केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की डबल इंजन सरकार महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से धार, झाबुआ, पेटलावद, थांदला और सरदारपुर क्षेत्र को नर्मदा का पानी मिलेगा। परियोजना से छूटे क्षेत्रों को भी जल्द जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।