सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती, भारी-भरकम बिल और स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं को लेकर विरोध तेज हो गया है। इसी मुद्दे पर इछावर में यूथ कांग्रेस के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आजाद चौक से तहसील एवं एसडीएम कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला।

मार्च का नेतृत्व यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह बोरछी ने किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार गजेंद्र सिंह लोधी को मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की।
आजाद चौक से SDM कार्यालय तक निकाला मार्च
प्रदर्शन के लिए सुबह से ही आजाद चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का जुटना शुरू हो गया था। हाथों में तख्तियां और ज्ञापन लेकर प्रदर्शनकारी शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तहसील और एसडीएम कार्यालय पहुंचे।
यूथ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अनियमित आपूर्ति से आम लोगों, किसानों और विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। संगठन ने विद्युत विभाग से कटौती का समय निर्धारित करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करने की मांग की।
ज्ञापन में रखीं पांच प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से बिजली व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की।
- अघोषित बिजली कटौती पर रोक: यूथ कांग्रेस का दावा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना 8 से 10 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। संगठन ने निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
- कटौती का शेड्यूल सार्वजनिक हो: बिजली बंद रहने का समय, कारण और अवधि पहले से बताई जाए, ताकि किसानों और विद्यार्थियों को परेशानी न हो।
- स्मार्ट मीटर और बिलों की जांच: स्मार्ट मीटर की रीडिंग, कथित अनियमितताओं और अधिक राशि के बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। गलत बिलों में सुधार किया जाए।
- किसानों और विद्यार्थियों को राहत: कृषि कार्य, पेयजल आपूर्ति और पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए।
- जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही: लापरवाही की शिकायतों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अमलाहा में भी हो चुका है प्रदर्शन
बिजली आपूर्ति को लेकर क्षेत्र में इससे पहले भी विरोध सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अमलाहा क्षेत्र में ग्रामीणों ने एक दिन पहले प्रदर्शन करते हुए भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर मार्च निकाला था।
लगातार हो रहे इन प्रदर्शनों के बीच बिजली कटौती और बिलों से जुड़ी शिकायतों के समाधान की मांग उठ रही है। हालांकि, कटौती की अवधि और स्मार्ट मीटर से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति में जल्द सुधार नहीं हुआ और ओवरबिलिंग व स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का निराकरण नहीं किया गया, तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करेगा।
अब देखना होगा कि विद्युत विभाग और जिला प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और ग्रामीण उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान किस तरह किया जाता है।