गरियाबंद में स्कूल बसों का विशेष निरीक्षण अभियान
विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए गरियाबंद जिले में स्कूल बसों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान में परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला सेनानी कार्यालय की संयुक्त टीम ने भाग लिया।

अभियान का उद्देश्य
यह निरीक्षण अभियान सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के दिशा-निर्देशों और छत्तीसगढ़ राजपत्र में जारी अधिसूचना के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार 15 जून से जिले की सभी स्कूल बसों का चरणबद्ध निरीक्षण किया जाएगा।
30 स्कूल बसों की जांच
- जिले में कुल 75 पंजीकृत स्कूल बसें हैं।
- इनमें से 30 बसों का निरीक्षण किया गया।
- जांच के दौरान सड़क सुरक्षा मानकों, सुरक्षा उपकरणों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।
- परिवहन विभाग ने प्रदूषण प्रमाण-पत्र (PUC), टैक्स, बीमा, फिटनेस प्रमाण-पत्र और परमिट जैसे दस्तावेजों का सत्यापन किया।
चालक और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बस चालकों और परिचालकों की स्वास्थ्य जांच की। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षित यात्रा के लिए वाहन चालकों का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है।
अग्नि सुरक्षा की जांच
जिला सेनानी कार्यालय की टीम ने:
- बसों में लगे अग्निशमन यंत्रों की जांच की।
- चालक एवं परिचालकों को उनके उपयोग का प्रशिक्षण दिया।
- आपातकालीन परिस्थितियों में विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की।
45 बस संचालकों को नोटिस
निरीक्षण के लिए निर्धारित स्थल पर 45 स्कूल बसें उपस्थित नहीं मिलीं। इसके बाद संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्रशासन का संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह संयुक्त निरीक्षण अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा।
मुख्य बिंदु: इस अभियान का उद्देश्य केवल दस्तावेजों की जांच करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि स्कूल बसें तकनीकी रूप से सुरक्षित हों, चालक स्वस्थ हों और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद हो।