इस खबर का संक्षेप:
- बालाघाट के परसवाड़ा से कांग्रेस विधायक मधु भगत का कान्हा क्षेत्र में बाघों के हमलों को लेकर दिया गया बयान विवादों में है।
- हाल में पर्रापुर में एक महिला सगुनी बाई बैगा की बाघ के हमले में मौत हुई, जबकि मालखेड़ी में एक किसान गंभीर रूप से घायल हुआ।
- घटनाओं के बाद विधायक प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों ने बाघों की बढ़ती दहशत और वन विभाग की कथित लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई।
- विधायक ने दावा किया कि उनके क्षेत्र में पिछले साढ़े तीन वर्षों में बाघों के हमलों से चार लोगों की मौत हो चुकी है और वन विभाग समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर पाया है।
- इसी दौरान उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि बैगा आदिवासियों के पारंपरिक तीर-कमान उनके हाथों में आ गए, तो वे जंगली जानवरों का शिकार करेंगे और वह स्वयं उनके साथ आगे रहेंगे।
- विधायक ने वन विभाग पर ग्रामीणों के साथ सख्ती बरतने और वन्यजीवों से जुड़े मामलों में मानव जीवन की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया।
- उन्होंने मीडिया से इस बयान को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील भी की।

मुख्य मुद्दा: यह मामला एक तरफ बाघों के बढ़ते हमलों से ग्रामीणों की सुरक्षा और दूसरी तरफ वन्यजीव संरक्षण के बीच बढ़ते तनाव को सामने लाता है। विधायक का तीर-कमान और वन्यजीवों के शिकार वाला बयान इसी वजह से खासा विवादित माना जा रहा है।