June 17, 2026

  • बुधवार को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर श्री महाकालेश्वर मंदिर के कपाट तड़के 4 बजे खोले गए।
  • प्रातःकालीन पूजन के दौरान भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया तथा दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक संपन्न हुआ।
  • भगवान का भांग, चंदन, आभूषणों, रुद्राक्ष और पुष्पमालाओं से विशेष एवं दिव्य श्रृंगार किया गया।
  • भस्म आरती की परंपरा के अनुसार प्रथम घंटाल के बाद जल अर्पित किया गया, मंत्रोच्चार के साथ पूजा हुई और फिर ज्योतिर्लिंग पर भस्म अर्पित की गई।
  • इसके पश्चात रजत (चांदी) का शेषनाग मुकुट, मुण्डमाल, रुद्राक्ष माला तथा पुष्पमालाएं अर्पित कर भगवान का अलंकरण किया गया।
  • धार्मिक मान्यता के अनुसार भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल भक्तों को निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं।
  • भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और उन्होंने नंदी महाराज के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं।
  • पूरे मंदिर परिसर में “बाबा महाकाल” के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

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