नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से सरकारी गौशालाओं की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। चावरपाठा जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत टेकापार स्थित श्री सिया जू गौशाला में अव्यवस्थाओं और उचित रखरखाव के अभाव के आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि गौशाला में पर्याप्त दाना-पानी नहीं मिलने से गायों की लगातार मौत हो रही है।

गौशाला परिसर में साफ-सफाई और पशुओं के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बेजुबान पशुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
40 रुपये प्रति गाय का अनुदान, फिर भी व्यवस्था पर सवाल
गौशालाओं में गायों के भरण-पोषण और चारे के लिए सरकार की ओर से प्रति गाय प्रतिदिन 40 रुपये का अनुदान दिए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद टेकापार की गौशाला में पशुओं को पर्याप्त भोजन और पानी नहीं मिलने के आरोप हैं।
स्थानीय लोगों और अन्य जानकारों ने अनुदान राशि के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शासन से मिलने वाली राशि का उचित उपयोग नहीं किया जा रहा है। हालांकि, अनुदान के कथित गबन के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
शिकायत के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान
मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। तेंदूखेड़ा एसडीएम सानू चौधरी और प्रशासनिक टीम ने मामले का संज्ञान लेते हुए गौशाला की जांच के लिए पशु चिकित्सकों की विशेष टीम भेजने की बात कही है।
जांच टीम गौशाला में मौजूद गायों की स्थिति, चारा-पानी की व्यवस्था, साफ-सफाई और पशुओं की मौत के कारणों की पड़ताल करेगी। साथ ही यह भी सामने आ सकता है कि गौशाला के संचालन के लिए मिलने वाले सरकारी अनुदान का इस्तेमाल निर्धारित मानकों के अनुसार किया गया या नहीं।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी जिम्मेदारी
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल गायों की मौत के वास्तविक कारण और गौशाला में व्यवस्थाओं की स्थिति को लेकर है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लापरवाही किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
यदि जांच में पशुओं की देखरेख में गंभीर लापरवाही या सरकारी राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद है।