इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में जिला बदर के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में पुलिस ने आदतन बदमाश हारून उर्फ हसन रंगीला को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में 21 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, जिला बदर होने के करीब एक महीने के भीतर ही वह वापस इंदौर लौट आया था। गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश में उसके हाथ में चोट आई, जिसके बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया।

23 सितंबर को 6 महीने के लिए किया गया था जिला बदर
एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल ने बताया कि हारून उर्फ हसन पिता युसूफ रंगीला, चंपा बाग कॉलोनी, रावजी बाजार का निवासी है। उसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में कुल 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, आगामी त्योहारों और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 23 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई थी। आदेश के तहत उसे इंदौर के साथ उज्जैन, देवास, धार और खरगोन जिले की सीमाओं से भी 6 महीने के लिए बाहर रहने का निर्देश दिया गया था।
आदेश के एक महीने बाद ही इंदौर लौट आया
पुलिस का कहना है कि जिला बदर के आदेश के बावजूद हसन रंगीला करीब एक महीने के भीतर ही इंदौर लौट आया था। वह अपने घर के आसपास के इलाकों में भी दिखाई देने लगा था।
इसकी जानकारी मिलने पर रावजी बाजार पुलिस ने उसके घर के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। इस दौरान उसके हाथ में चोट लग गई।
मेडिकल परीक्षण के बाद वैधानिक कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया। अब जिला बदर आदेश के उल्लंघन के मामले में उसके खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।