छत्तीसगढ़ और उड़ीसा का सीमावर्ती गांव भिरेण्डा में आस्था के साथ खिलवाड़, देवगुड़ी निर्माण न होने पर ग्रामीणों में आक्रोश जनजातिये वर्ग के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़
के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत भिरेण्डा से विकास कार्यों में लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ सालों से स्थानीय आस्था के केंद्र ‘देवगुड़ी’ (शिव मंदिर) का निर्माण अधर में लटका हुआ है, जिससे ग्रामीणों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँच रही है।जंगल के बीच बदहाल है भगवान शिव का स्थानविदित हो कि भिरेण्डा पंचायत में जंगल के बीचों-बीच भगवान शिव का एक प्राचीन और सिद्ध स्थान स्थित है। ग्रामीण लंबे समय से इस पवित्र स्थल के जीर्णोद्धार और देवगुड़ी निर्माण की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा देवगुड़ी और घोटुलों के संरक्षण के लिए विशेष बजट आवंटित किए जाने के बावजूद, यहाँ धरातल पर कोई काम नजर नहीं आ रहा है। आज भी भगवान शिव का यह स्थान अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है।सवालों से बचते नजर आए सरपंचजब इस संबंध में ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने सरपंच से जवाब मांगा, तो स्थिति और भी अजीबोगरीब हो गई है मिडिया ने सरपंच से सवाल पूछा तो जैसे ही उनसे निर्माण कार्य में हो रही देरी और फंड के उपयोग को लेकर सवाल पूछे गए, सरपंच संतोषजनक जवाब देने के बजाय मौके से भाग खड़े हुए और खुद को घर में बंद कर लिया।*सरपंच का रवैया मीडिया और जनता के सवालों पर भागकर घर में छिप रहे है कैमरे के सामने*प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग बकावंड जनपद के इस सीमावर्ती गांव में विकास की गति थमी हुई है। ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए कि आखिर देवगुड़ी निर्माण के लिए आवंटित राशि का क्या हुआ और दोषियों पर उचित कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जाए