भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एलपीजी कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं ने हजारों परिवारों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर की 30 से अधिक कॉलोनियों में करीब 98 हजार घरों के गैस कनेक्शन प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। इनमें लगभग 83 हजार कनेक्शन ई-केवाईसी पूरी नहीं होने के कारण बंद किए गए हैं। वहीं, करीब 14 से 15 हजार परिवारों के एलपीजी कनेक्शन कंपनी के रिकॉर्ड में उनके क्षेत्र में पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध होने की जानकारी दर्ज होने के कारण ब्लॉक बताए जा रहे हैं।

सबसे बड़ी परेशानी उन उपभोक्ताओं को हो रही है, जिनकी कॉलोनियों में पीएनजी की पाइपलाइन नहीं बिछी है या पाइपलाइन होने के बावजूद उनके घर तक कनेक्शन नहीं पहुंचा है। ऐसे परिवारों के सामने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग बंद होने के बाद खाना पकाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का संकट खड़ा हो गया है।
कहीं ई-केवाईसी अधूरी, कहीं PNG रिकॉर्ड में गड़बड़ी
भोपाल में एलपीजी कनेक्शन प्रभावित होने के पीछे दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। पहला, उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी नहीं होना और दूसरा, कंपनी के रिकॉर्ड में पीएनजी पाइपलाइन की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी में गड़बड़ी।
ई-केवाईसी पूरी नहीं होने के कारण करीब 83 हजार कनेक्शन प्रभावित बताए गए हैं। वहीं, लगभग 14 से 15 हजार परिवार ऐसे हैं, जिनके कनेक्शन उनके क्षेत्र में पीएनजी सुविधा उपलब्ध होने के रिकॉर्ड के आधार पर ब्लॉक किए गए हैं।
कई कॉलोनियों में वास्तविक स्थिति कंपनी के रिकॉर्ड से अलग बताई जा रही है। कहीं पाइपलाइन बिछाने का काम ही नहीं हुआ है, तो कहीं पाइपलाइन होने के बावजूद घरों तक पीएनजी कनेक्शन नहीं पहुंचा है। ऐसे में उपभोक्ता एलपीजी और पीएनजी, दोनों सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं।
पुराना सिलेंडर ब्लॉक, नया कनेक्शन भी नहीं मिल रहा
कनेक्शन ब्लॉक होने से प्रभावित परिवारों की परेशानी इसलिए बढ़ गई है, क्योंकि वे अपने पुराने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नहीं करा पा रहे हैं। दूसरी ओर, पीएनजी की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। कुछ उपभोक्ताओं के सामने नया एलपीजी कनेक्शन लेने का विकल्प भी नहीं बचा है।
इस दोहरी व्यवस्था के चलते लोगों के सामने रोजमर्रा की रसोई चलाने का संकट पैदा हो गया है। उपभोक्ताओं की मांग है कि कंपनी के रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति का मिलान कर गलत तरीके से ब्लॉक किए गए कनेक्शन बहाल किए जाएं।
गैस कनेक्शन ब्लॉक होने पर क्या करें?
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे सबसे पहले अपनी गैस एजेंसी से संपर्क कर कनेक्शन ब्लॉक होने का कारण पता करें। ध्यान रहे कि ई-केवाईसी पूरी होना और PNG रिकॉर्ड से जुड़ी समस्या का समाधान होना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। इसलिए केवल ई-केवाईसी करा लेने से हर मामले में कनेक्शन तुरंत बहाल होना जरूरी नहीं है।
प्रभावित उपभोक्ता ये कदम उठा सकते हैं:
- एजेंसी से कारण पता करें: अपने उपभोक्ता नंबर के जरिए कनेक्शन ब्लॉक होने की वजह जानें।
- ई-केवाईसी पूरी कराएं: यदि केवाईसी अधूरी है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इसे पूरा करें।
- PNG रिकॉर्ड में गड़बड़ी की शिकायत करें: यदि आपकी कॉलोनी में पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध नहीं है या घर तक कनेक्शन नहीं पहुंचा है, तो संबंधित गैस एजेंसी को लिखित आवेदन दें।
- मौके पर जांच की मांग करें: एजेंसी से वास्तविक स्थिति की जांच कर कंपनी के रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार कराने का अनुरोध करें।
- शिकायत दर्ज कराएं: समस्या का समाधान नहीं होने पर संबंधित गैस कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या टोल-फ्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत करें।
शिकायत देते समय उपभोक्ता नंबर, पता और उपलब्ध संबंधित दस्तावेज साथ रखना उपयोगी होगा।
LPG संकट पर सियासत तेज
गैस कनेक्शन प्रभावित होने का मामला अब राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। पूर्व मंत्री पीपी शर्मा ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि महंगाई के बीच आम लोगों की असुविधाएं बढ़ रही हैं। उनके मुताबिक, नीतिगत खामियों के कारण लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पवन दुबे ने कांग्रेस पर इस मुद्दे को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई बार व्यावहारिक समस्याएं सामने आती हैं, जिनका समाधान भी निकाला जाता है। उनके अनुसार, इस समस्या को दूर करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
रिकॉर्ड सुधार और कनेक्शन बहाली की मांग
भोपाल में एलपीजी कनेक्शन से जुड़ी इस समस्या ने कंपनी के रिकॉर्ड और जमीनी स्थिति के बीच तालमेल की जरूरत को उजागर किया है। प्रभावित उपभोक्ता चाहते हैं कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी सुविधा वास्तव में उपलब्ध नहीं है, वहां रिकॉर्ड की जांच कर एलपीजी कनेक्शन बहाल किए जाएं।
फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपनी गैस एजेंसी से संपर्क कर कनेक्शन ब्लॉक होने का सही कारण पता करें और उसके अनुसार शिकायत दर्ज कराएं।