September 14, 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में जोरदार बहस देखने को मिली। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला।

करीब एक घंटे के अपने संबोधन में भूपेश बघेल ने दावा किया कि साय सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और सरकार किसी “अदृश्य शक्ति” के इशारों पर काम कर रही है। उन्होंने किसानों, कानून-व्यवस्था, खाद की उपलब्धता, धान खरीदी, राशन वितरण, पंचायतों की आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं और वन संरक्षण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा।

भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर उर्वरक नहीं मिल रहा है, धान खरीदी व्यवस्था प्रभावित हुई है और पंचायतों व नगरीय निकायों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कानून-व्यवस्था, कथित अवैध खनन और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।

बहस के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि खाद की उपलब्धता में कोई संकट नहीं है। वहीं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत है और जरूरत के अनुसार ही अनुपूरक बजट लाने की नीति अपनाई गई है।

सदन में बहस के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के कार्यकाल और नीतियों को लेकर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए।

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