September 14, 2026

मध्य प्रदेश के भिंड जिले के औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में 26 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने Godrej Consumer Products की चौथी यूनिट का शुभारंभ किया। कंपनी ने नई यूनिट में ₹450 करोड़ से अधिक का निवेश किया है। इसके साथ ही मालनपुर में एशिया की सबसे बड़ी साबुन निर्माण इकाई स्थापित होने का दावा किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई इकाई से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि चंबल क्षेत्र अब उद्योग, निवेश और रोजगार के मामले में नई पहचान बना रहा है।

हर मिनट बनेंगे 4 हजार साबुन

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नई इकाई में हर मिनट करीब 4,000 साबुन बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल निवेश के एमओयू तक सीमित रहने के बजाय उन्हें जमीन पर उतारने पर जोर दिया है।

मुख्यमंत्री ने मालनपुर में ₹450 करोड़ के निवेश को “मेड-इन-एमपी और फेथ-इन-एमपी” की मिसाल बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि गोदरेज समूह भविष्य में मालनपुर में पांचवीं यूनिट भी शुरू करेगा।

30% से ज्यादा निवेश धरातल पर आने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में ₹10 लाख करोड़ से अधिक का निवेश विभिन्न चरणों में मूर्त रूप ले रहा है। उनके मुताबिक, आम तौर पर एमओयू का करीब 10 प्रतिशत ही जमीन पर उतरता है, लेकिन मध्य प्रदेश में 30 प्रतिशत से अधिक निवेश धरातल पर आ चुका है।

उन्होंने बताया कि राज्य का विदेशी निर्यात बढ़कर करीब ₹76 हजार करोड़ हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में समुद्र नहीं होने के बावजूद यहां के उत्पाद सात समंदर पार पहुंच रहे हैं।

मालनपुर से 35 साल पुराना रिश्ता

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन निसाबा गोदरेज ने बताया कि कंपनी का मालनपुर से रिश्ता करीब 35 साल पुराना है। उनके अनुसार, उनके पिता आदि गोदरेज ने 1991 में यहां साबुन निर्माण की यूनिट शुरू की थी।

कंपनी के एमडी-सीईओ आसिफ मलबारी के मुताबिक मालनपुर में करीब 70 एकड़ क्षेत्र में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट संचालित हो रही है और यहां अब तक कुल करीब ₹850 करोड़ का निवेश किया जा चुका है। नई यूनिट के विस्तार के बाद कंपनी ने पूरे एशिया में सबसे बड़ा साबुन निर्माता बनने की बात कही।

महिलाओं को रोजगार और नाइट शिफ्ट के अवसर

निसाबा गोदरेज ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षा और आवास जैसी सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने के अवसर के साथ-साथ कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने के मौके भी दिए जाएंगे।

कंपनी ने मलेरिया और अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए भी राज्य सरकार के साथ काम करने की बात कही है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2030 तक मध्य प्रदेश को मलेरिया मुक्त बनाने के प्रयासों में सहयोग करना है।

इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल समेत जनप्रतिनिधि और कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे।

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