
छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक का एक और मामला सामने आया है। बीएससी प्रथम वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर के ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ विषय का प्रश्नपत्र 19 अगस्त को परीक्षा शुरू होने से करीब 5 घंटे पहले PDF के रूप में वायरल हो गया।
परीक्षा सुबह 10 बजे होनी थी। वायरल PDF में मौजूद सवाल और परीक्षा में पूछे गए प्रश्न एक जैसे पाए गए। इसमें तीनों भागों के प्रश्नों के साथ 6 अंकों वाले लॉन्ग आंसर प्रश्न और उनके उत्तर भी मौजूद थे।
तीसरी बार सामने आया पेपर लीक
IGKV में इससे पहले भी दो परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं। पहले कीट विज्ञान (एंटोमोलॉजी) का पेपर परीक्षा से करीब दो घंटे पहले वायरल हुआ था, जिसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
पुलिस जांच में दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के एक प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। जांच में पेपर छात्रों तक पैसे लेकर पहुंचाए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद प्लांट पैथोलॉजी का पेपर भी लीक होने का मामला सामने आया और जांच में इन्हीं आरोपियों की भूमिका बताई गई।
यूनिवर्सिटी ने पुलिस से जांच की मांग की
तीसरे मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने तेलीबांधा पुलिस को जांच के लिए पत्र भेजा है। अब जांच का मुख्य सवाल यह है कि फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले बाहर कैसे पहुंचा और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पहले लीक हुए दोनों पेपरों की परीक्षाएं सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है। तीसरे मामले में पुलिस जांच के बाद ही पेपर लीक की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।