
भागीरथपुरा दूषित पानी कांड: जांच आयोग की रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश, याचिकाकर्ता ने रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की
इंदौर। बहुचर्चित भागीरथपुरा दूषित पानी कांड को लेकर दायर जनहित याचिका पर इंदौर हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। मामले की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश कर दी है। रिपोर्ट पेश होने के बाद याचिकाकर्ता रितेश ईरानी ने कोर्ट के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं।
याचिकाकर्ता ने मांग की है कि जांच आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और मामले की आगामी सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग कराई जाए।
25 अगस्त को आयोग ने सौंपी रिपोर्ट
दूषित पानी पीने से बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने और मौतों के मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने 27 जनवरी 2026 को एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया था। आयोग ने 25 अगस्त को अपनी रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की।
याचिकाकर्ता के अनुसार, आयोग की रिपोर्ट में दूषित पानी कांड के लिए जिम्मेदार लोगों और अधिकारियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है। हालांकि, रिपोर्ट के आधार पर अभी किसी की जिम्मेदारी अंतिम रूप से तय नहीं हुई है।
रिपोर्ट पर होगी विस्तृत बहस
याचिकाकर्ता ने कहा कि जांच आयोग की रिपोर्ट को अंतिम न्यायिक फैसला नहीं माना जा सकता। रिपोर्ट पर हाईकोर्ट में विस्तृत बहस होगी और इसके बाद अदालत मामले में अपना अंतिम आदेश पारित करेगी।
रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में आवेदन देकर कहा गया कि मामला सीधे इंदौर के लोगों के स्वास्थ्य और व्यापक जनहित से जुड़ा है। ऐसे में जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को घटना की जांच और जिम्मेदारी तय करने से जुड़ी जानकारी मिल सके।
इसके साथ ही आगामी सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग कराने की भी मांग की गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि इससे पूरी न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और आम नागरिक भी मामले की सुनवाई को देख सकेंगे।
अब हाईकोर्ट में रिपोर्ट पर होने वाली आगामी बहस और अदालत के रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं।