इंदौर। इंदौर में एक युवक ने खुद को IAS अधिकारी और जिला कलेक्टर बताकर लोगों पर रौब जमाने के लिए घर के बाहर तक फर्जी नेम प्लेट लगा दी। मामला ओमेक्स सिटी-1 स्थित शुभ आंगन प्रीमियम का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि मकान नंबर 1565-ए में रहने वाला युवक खुद को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता है। सूचना पर पहुंची लसूड़िया पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया।

घर के बाहर लगी थी ‘IAS RAJ SONI–District Collector’ की प्लेट
पुलिस के मौके पर पहुंचने पर मकान के बाहर लगी नेम प्लेट ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। काले रंग की प्लेट पर “IAS RAJ SONI – District Collector” लिखा हुआ था। इससे ऐसा प्रदर्शित किया जा रहा था कि मकान में कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रह रहा है।
पुलिस ने युवक से उसके नाम, पदस्थापना और IAS अधिकारी होने से संबंधित दस्तावेज मांगे। लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ के दौरान उसके बयान भी बदलते रहे।
पूछताछ में सामने आई असली पहचान
पुलिस के मुताबिक, सख्ती से पूछताछ करने पर युवक ने अपना वास्तविक नाम हिमांशु पांचाल, पिता योगेश पांचाल, उम्र 28 वर्ष बताया। पूछताछ में उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह IAS अधिकारी नहीं है।
पुलिस के अनुसार, हिमांशु ने समाज में अपना रुतबा, प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ाने के लिए खुद को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जिला कलेक्टर बताना शुरू किया था।
घर से बरामद हुई फर्जी IAS की ‘किट’
लसूड़िया पुलिस ने आरोपी के घर से ऐसी सामग्री भी बरामद की, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर अधिकारी होने का भ्रम पैदा करने के लिए किया जा रहा था। बरामद सामग्री में—
- “IAS RAJ SONI – District Collector” लिखी फर्जी नेम प्लेट
- “IAS सत्यमेव जयते” लिखा फोटो फ्रेम
- “सत्यमेव जयते–कलेक्टर साहब” लिखी सामग्री
- अधिकारी होने का प्रभाव पैदा करने वाली अन्य सामग्री
शामिल है।
पुलिस के मुताबिक, मामला केवल मौखिक रूप से खुद को IAS बताने तक सीमित नहीं था, बल्कि फर्जी पहचान को प्रदर्शित करने के लिए बाकायदा सामग्री भी तैयार रखी गई थी।
अहमदाबाद का रहने वाला, इंदौर में किराए से रह रहा था
पुलिस के अनुसार हिमांशु पांचाल मूल रूप से अहमदाबाद, गुजरात का रहने वाला है और फिलहाल इंदौर के ओमेक्स सिटी-1 में किराए के मकान में रह रहा था।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने खुद को IAS अधिकारी और कलेक्टर बताकर कितने लोगों को प्रभावित किया। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कहीं उसने फर्जी अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल कर किसी से पैसे या अन्य लाभ तो नहीं लिया।
गुजरात में भी दर्ज है पुराना मामला
पुलिस रिकॉर्ड की जांच में आरोपी से जुड़ा गुजरात का एक पुराना प्रकरण भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, अडालज थाना, जिला गांधीनगर में 23 मई 2026 को उसके खिलाफ FIR दर्ज हुई थी।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) और 318(2) के तहत प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। गुजरात के पुराने मामले से जुड़े तथ्यों की भी पुलिस जांच कर रही है।
फर्जी IAS बनकर कहीं और तो नहीं किया खेल?
इंदौर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी IAS बनने के पीछे सिर्फ रुतबा दिखाने की मंशा थी या इसके जरिए किसी बड़े उद्देश्य को अंजाम देने की कोशिश की गई।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी ने फर्जी अधिकारी बनकर किसी व्यक्ति को डराया या प्रभावित किया, आर्थिक फायदा लिया अथवा किसी सरकारी काम में हस्तक्षेप करने की कोशिश की या नहीं।
फिलहाल लसूड़िया पुलिस ने अपराध क्रमांक 1370/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 204 के तहत कार्रवाई करते हुए हिमांशु पांचाल को गिरफ्तार किया है। घर के बाहर IAS की नेम प्लेट, खुद को जिला कलेक्टर बताकर रौब और पूछताछ में बदलते बयान के चलते मामला पुलिस की विस्तृत जांच के दायरे में है।