September 14, 2026

इंदौर। देवी अहिल्या बाई होल्कर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमानों के सुरक्षित और सुगम संचालन के लिए जल्द ही नया अत्याधुनिक रडार सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को 5 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

इंदौर सांसद शंकर लालवानी द्वारा एयरपोर्ट पर आधुनिक रडार सिस्टम की आवश्यकता का मुद्दा उठाए जाने के बाद इस दिशा में पहल तेज हुई है।

पुराने रडार सिस्टम की जगह लगेगा नया सिस्टम

वर्तमान में इंदौर एयरपोर्ट पर इस्तेमाल हो रहा रडार सिस्टम पुराना हो चुका है। इसके चलते एयर ट्रैफिक संचालन में तकनीकी चुनौतियां सामने आती रही हैं। नया रडार सिस्टम स्थापित होने के बाद इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल इंदौर का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) काफी हद तक नागपुर के रडार सिस्टम पर निर्भर रहता है। नया रडार शुरू होने के बाद इंदौर एयरपोर्ट की अपनी निगरानी और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट क्षमता मजबूत होगी।

खराब मौसम में भी सुरक्षित संचालन में मिलेगी मदद

आधुनिक तकनीक से लैस रडार सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा खराब मौसम के दौरान मिलेगा। कोहरे, कम दृश्यता और अन्य मौसम संबंधी परिस्थितियों में विमानों की निगरानी और संचालन अधिक सटीक तरीके से किया जा सकेगा।

इससे विमानों के टेक-ऑफ और लैंडिंग के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल को बेहतर जानकारी मिलने की उम्मीद है, जिससे उड़ानों के सुरक्षित संचालन में मदद मिलेगी।

रनवे विस्तार पर भी हुई चर्चा

बैठक में इंदौर एयरपोर्ट के रनवे के विस्तार के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य भविष्य में एयरपोर्ट पर बड़े अंतरराष्ट्रीय विमानों की आवाजाही को आसान बनाना है।

रनवे विस्तार होने से इंदौर की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

बंद और कम हुई उड़ानों को लेकर भी CM के निर्देश

बैठक के दौरान इंदौर से हाल के दिनों में कुछ प्रमुख शहरों की उड़ानें बंद होने या उनकी संख्या कम होने का मुद्दा भी उठाया गया। इससे यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ जल्द बैठक करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में बंद हुई उड़ानों को दोबारा शुरू कराने और इंदौर से नए हवाई मार्ग जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।

इस तरह अत्याधुनिक रडार सिस्टम, रनवे विस्तार और नई उड़ानों को लेकर चल रही कवायद से इंदौर एयरपोर्ट की क्षमता और एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।

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