भोपाल। मध्य प्रदेश में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के आयोजन को लेकर प्रशासनिक और तकनीकी पेंच सामने आया है। शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीईटी परीक्षा ऑफलाइन मोड में कराने का ऐलान किया था, लेकिन अब कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने इस प्रारूप में परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है।
मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने ऑफलाइन परीक्षा आयोजित कराने के लिए ESB को प्रस्ताव भेजा था। जवाब में मंडल ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से केवल ऑनलाइन यानी कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित कर रहा है।

7 साल से बंद है ऑफलाइन परीक्षा का पैटर्न
ESB के मुताबिक, मंडल में पिछले करीब 7 वर्षों से ऑफलाइन परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ है और इस व्यवस्था को पूरी तरह बंद किया जा चुका है।
ऐसे में ऑफलाइन मोड में टीईटी आयोजित करने के लिए प्रश्नपत्र छपाई, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, वितरण, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं नए सिरे से तैयार करनी होंगी।
ESB ने संकेत दिया है कि यदि सरकार ऑफलाइन पैटर्न पर ही परीक्षा कराने का निर्णय लेती है, तो इसके लिए नई बाहरी एजेंसी का चयन करना पड़ सकता है।
12 अक्टूबर को प्रस्तावित थी परीक्षा
ESB पहले 12 अक्टूबर को ऑनलाइन मोड में शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने की तैयारी कर रहा था। हालांकि, अब ऑफलाइन परीक्षा को लेकर पैदा हुए नए विवाद के चलते इस तारीख पर परीक्षा होना मुश्किल माना जा रहा है।
परीक्षा का नया प्रारूप और आयोजन एजेंसी तय करने में लगने वाले समय को देखते हुए 12 अक्टूबर के प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव की संभावना बढ़ गई है।
आवेदन की अंतिम तारीख 18 सितंबर तक बढ़ी
इसी बीच टीईटी परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तारीख भी बढ़ा दी गई है। अब अभ्यर्थी 18 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
परीक्षा मोड को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे का कार्यक्रम तय होने की उम्मीद है। ऐसे में टीईटी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को परीक्षा की नई तारीख और मोड से संबंधित आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार के ऑफलाइन परीक्षा के फैसले को लागू करने के लिए ESB ही व्यवस्था करेगा या किसी नई एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाएगी। इस पेंच के चलते परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव लगभग तय माना जा रहा है।