सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के चुरहट तहसील कार्यालय से सामने आया एक मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। अपनी जमीन के खसरे में दो बार दर्ज नाम को सुधरवाने के लिए लंबे समय से तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग के खिलाफ पुलिस ने SC-ST एक्ट और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
पुलिस कार्रवाई के विरोध में अब अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कलेक्टर और एसपी को सौंपा ज्ञापन
मामले में तहसीलदार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सीधी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) को ज्ञापन सौंपा।
संगठन का आरोप है कि संबंधित वृद्ध व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ है और उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण तरीके से गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कराया गया। समाज ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि वृद्ध व्यक्ति लंबे समय से अपनी जमीन के रिकॉर्ड में दर्ज नाम को दुरुस्त कराने के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। इसी प्रक्रिया के दौरान उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई।
SC-ST एक्ट और शासकीय कार्य में बाधा का मामला
वृद्ध के खिलाफ पुलिस द्वारा SC-ST एक्ट के साथ शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रकरण दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और घटना की पूरी परिस्थितियां पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी।
ब्राह्मण समाज ने मांग की है कि पूरे प्रकरण में सभी पक्षों के बयान लिए जाएं और राजस्व रिकॉर्ड से लेकर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामले तक की निष्पक्षता से जांच की जाए।
DSP ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन
ज्ञापन मिलने के बाद उप पुलिस अधीक्षक (DSP) ने प्रतिनिधिमंडल को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं की जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल मामला पुलिस जांच के अधीन है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि वृद्ध के खिलाफ दर्ज प्रकरण में लगाए गए आरोप जांच में कितने सही पाए जाते हैं और राजस्व विवाद की मूल वजह क्या है।