भोपाल। राजधानी भोपाल में फर्जी IAS अधिकारी के मामले की जांच कर रही पुलिस को आरोपी तृप्ति के फर्जीवाड़े से जुड़ा एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी ने UPSC Civil Services Examination 2025 की फाइनल चयन सूची में डिजिटल छेड़छाड़ कर खुद को गोविंदपुरा SDM बताने वाला फर्जी दस्तावेज तैयार किया था।
पुलिस अब इस फर्जी दस्तावेज और इसके इस्तेमाल से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

नमन गोयल के नाम की जगह दर्ज किया अपना नाम
पुलिस जांच में सामने आया है कि UPSC की फाइनल चयन सूची में शामिल अभ्यर्थी नमन गोयल के नाम और अन्य विवरण को कथित तौर पर डिजिटल तरीके से एडिट किया गया। इसके बाद उस स्थान पर तृप्ति का नाम और विवरण दर्ज कर दिया गया।
इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर आरोपी ने खुद को सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अधिकारी के तौर पर पेश करने की कोशिश की।
गोविंदपुरा SDM के पद पर ज्वाइनिंग का दावा
जांच के मुताबिक, तृप्ति ने 13 अप्रैल 2026 को गोविंदपुरा SDM के पद पर कार्यभार संभालने का दावा किया था। इसके लिए कथित तौर पर फर्जी ज्वाइनिंग और पदस्थापना संबंधी दस्तावेज तैयार किए गए।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन दस्तावेजों को किस तरह तैयार किया गया और इन्हें किन-किन स्थानों पर इस्तेमाल किया गया।
कोचिंग संस्थानों में अधिकारी बनकर पहुंचती थी
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अलग-अलग सिविल सेवा कोचिंग संस्थानों में अधिकारी के तौर पर विजिट की।
वहां वह UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों को परीक्षा पास करने से जुड़े टिप्स देती थी और खुद को अधिकारी बताकर अपनी पहुंच और प्रभाव का दावा करती थी।
कोचिंग संचालकों से पैसे ऐंठने का भी आरोप
पुलिस जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि तृप्ति अपनी कथित पहचान और प्रभाव का इस्तेमाल कर कुछ कोचिंग संचालकों से पैसे भी ऐंठती थी।
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में कितने लोग शामिल थे और आरोपी ने किन-किन दस्तावेजों या पहचान का इस्तेमाल किया।
प्रखर सिंह और ड्राइवर भूपेंद्र से भी पूछताछ
इस मामले में गिरफ्तार प्रखर सिंह और ड्राइवर भूपेंद्र की पुलिस रिमांड अवधि पूरी हो चुकी है। पुलिस ने पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर कथित फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों और संभावित ठिकानों की तलाश शुरू कर दी है।
जांच एजेंसी अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनके इस्तेमाल में आरोपी को किस स्तर पर मदद मिली थी।
जांच में सामने आएगा पूरा नेटवर्क
UPSC चयन सूची में डिजिटल छेड़छाड़ से लेकर SDM की फर्जी नियुक्ति और कोचिंग संस्थानों में अधिकारी बनकर पहुंचने तक के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
फिलहाल सामने आए तथ्य पुलिस जांच का हिस्सा हैं। जांच पूरी होने और अदालत में मामले के परीक्षण के बाद ही आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।