जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा में आयरन खदानों से जुड़े कथित अवैध खनन और रॉयल्टी चोरी के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है। पूर्व मंत्री और भाजपा नेता संजय पाठक से जुड़ी आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन की याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। साथ ही जबलपुर कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि याचिकाकर्ता की आपत्तियों और सभी संबंधित पक्षों को सुनने के बाद चार महीने के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए।

4 अरब 43 लाख रुपये के कथित अवैध खनन का मामला
यह मामला सिहोरा क्षेत्र की लौह अयस्क खदानों में वर्ष 2004 से 2017 के बीच कथित तौर पर हुए अवैध उत्खनन और खनिज राजस्व की चोरी से जुड़ा है। जांच में इस अवधि के दौरान करीब 4 अरब 43 लाख रुपये के अवैध खनन और रॉयल्टी चोरी का आकलन किए जाने की बात सामने आई है।
कलेक्टर ने जारी किए थे 7 नोटिस
मामले में जबलपुर कलेक्टर की ओर से आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन को कथित तौर पर 7 नोटिस जारी किए गए थे। याचिका में कंपनी की ओर से दावा किया गया कि इन नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद कंपनी ने हाईकोर्ट का रुख करते हुए कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया।
कंपनी की ओर से दलील दी गई कि कलेक्टर इस मामले में कार्रवाई करने के लिए सक्षम प्राधिकारी नहीं हैं।
हाईकोर्ट ने कलेक्टर को बताया राज्य सरकार का प्रतिनिधि
मामले की सुनवाई जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा की डिवीजन बेंच ने की। कोर्ट ने कलेक्टर के अधिकार को लेकर दी गई दलील को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी।
अदालत ने निर्देश दिया कि कलेक्टर याचिकाकर्ता की आपत्तियों और सभी संबंधित पक्षों को सुनने के बाद मामले में नियमानुसार कार्रवाई करें तथा चार महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश करें।
आगे की कार्रवाई कलेक्टर की रिपोर्ट पर
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब मामले में कलेक्टर की ओर से संबंधित पक्षों की आपत्तियों और दलीलों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित समय-सीमा में विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश की जाएगी। फिलहाल, कथित अवैध खनन और रॉयल्टी चोरी से जुड़े आरोपों पर आगे की प्रक्रिया अदालत के निर्देशों के अनुसार चलेगी।