September 21, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने बच्चों की मौत को बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जोड़ते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

‘मौतें होती रहीं, सरकार सोती रही’

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि बालाघाट में बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के बीच 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्रतिक्रिया धीमी रही और समय रहते पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार को दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो उसे प्रदेश की जमीनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने साफ पानी की कमी, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, कथित मिलावटी दवाओं और अवैध शराब को लेकर भी सवाल उठाए।

हालांकि, बच्चों की मौत के सटीक कारणों को लेकर जांच और प्रशासनिक स्तर पर पड़ताल जारी है। मीडिया रिपोर्टों में बीमारी, कुपोषण, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता को लेकर अलग-अलग चिंताएं सामने आई हैं।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना

राहुल गांधी ने अपने आगामी इंदौर दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वह छात्रों, युवाओं और आम लोगों से लगातार फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस फीडबैक के आधार पर मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं।

उन्होंने दलित, आदिवासी, पिछड़े, गरीब और महिलाओं से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख करते हुए राज्य सरकार की नीतियों और व्यवस्था पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश सरकार को लेकर भ्रष्टाचार और कुशासन संबंधी गंभीर आरोप भी लगाए। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं।

बालाघाट मामले में हाईकोर्ट भी मांग चुका है जवाब

बालाघाट में बच्चों की मौत का मामला अब राजनीतिक बयानबाजी के साथ न्यायिक स्तर पर भी पहुंच चुका है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले से जुड़ी जनहित याचिका पर राज्य सरकार के संबंधित विभागों और बालाघाट कलेक्टर समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं, इलाज, पोषण और पेयजल को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, जुलाई 2026 से बालाघाट के आदिवासी बहुल इलाकों में 30 से अधिक बच्चों की मौत की खबर सामने आई है। कई बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की भी जानकारी सामने आई है।

इंदौर दौरे से पहले बढ़ी सियासी हलचल

राहुल गांधी का इंदौर में छात्रों और युवाओं से संवाद का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। इसी दौरे से पहले बालाघाट में बच्चों की मौत का मुद्दा उठाकर उन्होंने राज्य सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाया है।

अब इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है। वहीं, बालाघाट में बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर जांच और न्यायिक प्रक्रिया से सामने आने वाले तथ्यों पर भी नजर रहेगी।

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