ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (LNIPE) में छात्रों का प्रदर्शन नौवें दिन भी जारी है। पुलिस प्रशासन की ओर से धरना खत्म करने के अल्टीमेटम के बाद छात्रों ने शुक्रवार को ब्लैक टी-शर्ट पहनकर और मुंह पर ब्लैक टेप लगाकर विरोध जताया। छात्रों का कहना है कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे मृतक छात्रा श्रुति उपाध्याय को न्याय दिलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।

श्रुति उपाध्याय की मौत के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन
दरअसल, LNIPE के गुवाहाटी कैंपस में बीपीएड की छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत के बाद छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया था। ग्वालियर स्थित मुख्य कैंपस के बाहर छात्र पिछले नौ दिनों से धरना दे रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में श्रुति के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और LNIPE के कुलसचिव को पद से हटाना शामिल है। छात्रों की मांगों के बाद गुवाहाटी कैंपस की वार्डन और डॉक्टर को बर्खास्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
दवाइयों को लेकर छात्रों ने लगाए आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि श्रुति को उचित जांच के बिना दर्द की दवाइयां दी जाती रहीं, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्र इस पूरे घटनाक्रम के लिए विश्वविद्यालय के कथित कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से लगाए गए हैं। श्रुति की मौत के वास्तविक कारण और उपचार में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच और उपलब्ध आधिकारिक तथ्यों से स्पष्ट होना बाकी है।
‘मुआवजा और कुलसचिव को हटाने तक जारी रहेगा प्रदर्शन’
छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन और पुलिस प्रशासन के सामने अपनी मांगें दोहराते हुए कहा है कि जब तक श्रुति के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा नहीं दिया जाता और कुलसचिव को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पुलिस प्रशासन की ओर से प्रदर्शन समाप्त करने का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद अब छात्रों और पुलिस के बीच स्थिति तनावपूर्ण होने की आशंका बनी हुई है। फिलहाल प्रदर्शनकारी छात्र रेसकोर्स रोड स्थित LNIPE संस्थान के बाहर धरने पर बैठे हैं और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं।