September 21, 2026

रायपुर। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती की ओर से आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुभारंभ किया। 18 से 20 सितंबर तक आयोजित इस औद्योगिक मेले में देशभर से आए उद्यमी, निवेशक और औद्योगिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से पहुंचे उद्यमियों और निवेशकों का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने और यहां उपलब्ध निवेश की संभावनाओं का लाभ उठाने का आमंत्रण दिया।

नई अर्थव्यवस्था और उभरते उद्योगों पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी पारंपरिक औद्योगिक ताकत के साथ नई अर्थव्यवस्था और उभरते उद्योगों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। खनिज, ऊर्जा, वन संपदा, मानव संसाधन और देश के मध्य में स्थित होने को उन्होंने प्रदेश की प्रमुख ताकत बताया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन संसाधनों को आधुनिक तकनीक, बेहतर अधोसंरचना और निवेशक हितैषी नीतियों से जोड़कर छत्तीसगढ़ को प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

‘सरकार नियामक नहीं, उद्योगों की सहयोगी बने’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की भूमिका केवल उद्योगों के लिए नियामक की नहीं है, बल्कि उद्योग और निवेश की राह आसान करने वाले सहयोगी और ‘एक्सीलरेटर’ के रूप में काम करने की है।

उन्होंने कहा कि निवेश प्रस्ताव आने से लेकर उद्योग की स्थापना तक हर चरण में निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

देशभर के 300 से ज्यादा MSME उद्यमी पहुंचे

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर के इस औद्योगिक आयोजन के लिए रायपुर को चुने जाने पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। बड़े उद्योगों के साथ MSME के विस्तार से स्थानीय उद्यमिता, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने बताया कि लघु उद्योग भारती देशभर के 750 से अधिक जिलों में उद्यमियों को संगठित करने का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ के 25 जिलों में 1200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग इससे जुड़े हैं। तीन दिवसीय इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में देशभर के 300 से अधिक MSME उद्यमी भाग ले रहे हैं।

सिर्फ प्रदर्शनी नहीं, संवाद और कारोबार का मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक मेला केवल उत्पादों और तकनीकों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है। यह उद्यमियों के बीच संवाद, अनुभव, नवाचार और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान का मंच है।

उन्होंने कहा कि मेले के माध्यम से नए व्यावसायिक संबंध विकसित होंगे और युवाओं को उद्योग एवं उद्यमिता की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

नई औद्योगिक नीति से निवेश को बढ़ावा देने का दावा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उद्योग जगत, निवेशकों और विभिन्न हितधारकों से चर्चा के बाद औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है। उनके अनुसार, नीति का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है जिसमें निवेश, उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था साथ-साथ आगे बढ़ें।

उन्होंने कहा कि नई नीति में प्रक्रियाओं के सरलीकरण, निवेश प्रोत्साहन, नए एवं उभरते क्षेत्रों और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है।

IT, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रहना चाहता। राज्य सरकार IT, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों को भी प्रोत्साहित कर रही है।

उन्होंने प्रदेश में लगभग 1100 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर परियोजना पर काम शुरू होने का उल्लेख करते हुए इसे बदलते औद्योगिक परिदृश्य का उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही टेक्नोलॉजी हब और इंडस्ट्री एक्सीलेंस हब विकसित करने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है।

सिंगल विंडो सिस्टम से प्रक्रियाएं आसान करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों की स्थापना के लिए नीतिगत स्थिरता के साथ सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएं जरूरी हैं। इसी दिशा में सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि निवेशक प्रक्रियागत जटिलताओं में समय खर्च करने के बजाय उत्पादन, नवाचार, कारोबार विस्तार और रोजगार सृजन पर ध्यान दे सकें।

खनिज और ऊर्जा को बताया प्रदेश की ताकत

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, वन क्षेत्र और ऊर्जा क्षमता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे खनिज प्रदेश की औद्योगिक क्षमता का महत्वपूर्ण आधार हैं।

उन्होंने इन संसाधनों का प्रदेश के भीतर अधिक से अधिक मूल्य संवर्धन करने पर जोर दिया। साथ ही वनोपज के वैज्ञानिक प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के जरिए वनांचल में रोजगार और उद्योग की संभावनाएं बढ़ाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र को भी छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता का मजबूत आधार बताया और प्रदेश में लगभग 30 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता का उल्लेख किया।

स्थानीय युवाओं के रोजगार पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि औद्योगिक विकास का वास्तविक लाभ तभी है, जब इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ें। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में स्थानीय रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार करना है, जिसमें प्रदेश के युवा सिर्फ नौकरी तलाशने वाले न रहें, बल्कि कौशल, नवाचार और उद्यमिता के जरिए रोजगार देने वाले भी बनें। इस दिशा में MSME और स्टार्टअप को महत्वपूर्ण बताया गया।

बस्तर में पर्यटन निवेश की संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के साथ पर्यटन क्षेत्र में भी निवेश के व्यापक अवसर हैं।

बस्तर के जलप्रपात, वन, प्राकृतिक स्थल और जनजातीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि होम-स्टे जैसी पहल के माध्यम से पर्यटन को स्थानीय परिवारों की आजीविका से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने देशभर से आए उद्यमियों से औद्योगिक मेले के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देखने और प्रदेश में उपलब्ध निवेश की संभावनाओं को समझने का आग्रह किया।

अरुण साव बोले- औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण अवसर

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर के 14वें संस्करण को छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश उद्योगों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए उद्यमियों को उत्पाद, तकनीक, नवाचार और अनुभव साझा करने के साथ नई व्यावसायिक संभावनाएं तलाशने का अवसर मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की बात उन्होंने कही।

लखन लाल देवांगन ने नई औद्योगिक नीति का किया जिक्र

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में निवेशकों को आकर्षित करने और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और निवेश प्रस्तावों के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

देशभर के उद्यमियों के लिए बना संवाद का मंच

लघु उद्योग भारती के प्रकाश चंद्र गुप्त ने कहा कि संगठन पिछले 32 वर्षों से देश के सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को संगठित करने और उनकी समस्याओं को केंद्र एवं राज्य सरकारों तक पहुंचाने का काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लघु उद्योगों को आधुनिक बाजार, तकनीक और मजबूत व्यावसायिक नेटवर्क से जोड़ना जरूरी है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इसी दिशा में उद्यमियों को साझा मंच उपलब्ध करा रहा है।

CM साय ने औद्योगिक स्टॉलों का किया अवलोकन

उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मेले में लगाए गए विभिन्न औद्योगिक स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने उद्यमियों से उनके उत्पादों, तकनीक और नवाचारों की जानकारी ली।

मेले में पारंपरिक आयुर्वेदिक उत्पादों से लेकर आधुनिक मशीनरी, IT और तकनीक आधारित औद्योगिक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से संवाद कर छत्तीसगढ़ में उपलब्ध निवेश संभावनाओं और उद्योगों के लिए तैयार किए जा रहे वातावरण पर चर्चा की।

आयोजन में मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी, उद्यमी और औद्योगिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *