November 6, 2026

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 सितंबर को हुई मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने प्रदेश में सिंचाई, बिजली, खेल, न्यायिक व्यवस्था, कर प्रशासन और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में करीब 13 हजार 790 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

कैबिनेट ने किसानों के लिए सिंचाई क्षमता बढ़ाने, युवाओं के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार करने और न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े कई निर्णय लिए।

सुठालिया सिंचाई परियोजना के लिए 262 करोड़ रुपये मंजूर

कैबिनेट ने राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 262 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। परियोजना के तहत राजगढ़ जिले में करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई पद्धति के माध्यम से सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

जावद-नीमच परियोजना के लिए 4,197 करोड़ की मंजूरी

नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने के लिए 4 हजार 197 करोड़ 58 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के जरिए खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इसका उद्देश्य पानी की बचत के साथ सिंचाई क्षमता और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है।

पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना को 507 करोड़

राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। परियोजना के तहत बांध निर्माण के जरिए राजगढ़ जिले में करीब 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

2,800 मेगावाट बिजली खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के DBFOO मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर कुल 2,800 मेगावाट ताप विद्युत खरीदने के लिए प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया अपनाने की अनुमति दी है।

इसमें मध्यप्रदेश में मौजूद, निर्माणाधीन और प्रस्तावित नई ग्रीनफील्ड/ब्राउनफील्ड ताप विद्युत परियोजनाओं से बिजली खरीद की जाएगी। वर्ष 2025 में 900 मेगावाट ताप विद्युत खरीद से संबंधित पूर्व स्वीकृति को भी नए 2,800 मेगावाट प्रस्ताव में समाहित माना जाएगा।

आगे की कार्रवाई नियामक आयोग की मंजूरी और आदेश के अनुसार की जाएगी। इसके लिए एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक को अधिकृत किया गया है।

140 विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 962 करोड़ 50 लाख रुपये की सैद्धांतिक सहमति दी गई है।

इन खेल परिसरों का नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रखा जाएगा। प्रत्येक मुख्य मैदान के बीच स्थायी हेलीपैड बनाने का भी निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य पीएम श्री योजना के तहत हेलीकॉप्टर के आवागमन को सुगम बनाना बताया गया है।

ग्राम न्यायालय योजना के लिए 554 करोड़

कैबिनेट ने ग्राम न्यायालय योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 554 करोड़ 61 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इसके तहत ग्राम न्यायालयों में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों और न्यायालयीन कर्मचारियों के वेतन, भत्ते तथा कार्यालयीन खर्चों का भुगतान किया जाएगा।

विधिक सहायता बोर्ड के लिए 524 करोड़

मध्यप्रदेश विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि के लिए जारी रखने के लिए 524 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

वहीं, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के अंतर्गत संचालित परिवार न्यायालयों की स्थापना योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 1 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

हाईकोर्ट योजना के लिए 2,015.60 करोड़

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के अंतर्गत संचालित ‘उच्च न्यायालय (भारित)’ योजना को पांच वर्षों के लिए जारी रखने के लिए 2,015 करोड़ 60 लाख रुपये की स्वीकृति दी है।

वाणिज्यिक कर विभाग की 6 योजनाओं के लिए 969.87 करोड़

वाणिज्यिक कर विभाग की छह योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए कुल 969 करोड़ 87 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

इसमें:

  • संपदा ई-रजिस्ट्री योजना: 62 करोड़ रुपये
  • स्टाम्पों की बिक्री पर व्यय: 664 करोड़ रुपये
  • स्टाम्पों की लागत: 175 करोड़ रुपये
  • विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण: 12.50 करोड़ रुपये
  • डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम: 46.37 करोड़ रुपये
  • जिला/उप पंजीयक कार्यालय भवन निर्माण/विस्तार: 10 करोड़ रुपये

इंदौर डेंटल कॉलेज में 13 नए पद

मंत्रि-परिषद ने शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में 13 नए शिक्षकीय पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इनमें एक प्राध्यापक, 10 सह-प्राध्यापक और दो सहायक प्राध्यापक के पद शामिल हैं।

इन पदों के सृजन के बाद बीडीएस की सीटें 63 से बढ़ाकर 100 और एमडीएस की सीटें 35 से बढ़ाकर 44 करने का लक्ष्य है। इन पदों पर सालाना करीब 3 करोड़ 78 लाख रुपये का व्यय संभावित है।

मैहर और पांढुर्णा में PHE के जिला कार्यालय

कैबिनेट ने नवगठित मैहर और पांढुर्णा जिलों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला कार्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी है।

मैहर जिला कार्यालय के लिए पांच नए स्थायी पद स्वीकृत किए गए हैं। कार्यालय सहायक के दो पद आउटसोर्स के माध्यम से भरे जाएंगे। उचेहरा विकासखंड को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अनुविभाग सतना में ही शामिल रखा जाएगा।

इसी तरह पांढुर्णा जिला कार्यालय के लिए भी पांच स्थायी पद और दो आउटसोर्स कार्यालय सहायकों की स्वीकृति दी गई है।

चितरंगी में PHE का अनुविभागीय कार्यालय

सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लॉक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का अनुविभागीय कार्यालय स्थापित किया जाएगा। इसके लिए तीन नए स्थायी पद स्वीकृत किए गए हैं। कार्यालय संचालन के लिए एक व्यक्ति को आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित किया जाएगा।

मंत्रि-परिषद के इन फैसलों में सिंचाई और बिजली से लेकर खेल, न्याय, स्वास्थ्य शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। इन फैसलों के जरिए राज्य सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में आगामी वर्षों के लिए वित्तीय और संस्थागत प्रावधानों को मंजूरी दी है।

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