रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं सिद्धार्थ शंभू को छत्तीसगढ़ का सह-प्रभारी बनाया गया है। भाजपा ने 23 सितंबर को नए प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की थी।

स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी मिलने के बाद कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश प्रभारी अमीनुल खान सूरी ने स्मृति ईरानी की नई जिम्मेदारी को लेकर तंज कसा और उनके राजनीतिक सफर पर टिप्पणी की।
‘राजनीतिक बनवास खत्म होने पर बधाई’
अमीनुल खान सूरी ने स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाए जाने पर तंज कसते हुए इसे उनका ‘राजनीतिक बनवास खत्म होना’ बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी मिलने के बाद स्मृति ईरानी को ‘रील लाइफ’ और ‘रियल लाइफ’ के अंतर का पता चलेगा।
सूरी ने भाजपा सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि प्रदेश की जनता मौजूदा सरकार के कामकाज से परेशान है। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ आने से प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो सकती है। ये कांग्रेस नेता के राजनीतिक आरोप और टिप्पणी हैं।
‘यूपी से दूर रखकर छत्तीसगढ़ और हरियाणा भेजा गया?’
अमीनुल खान सूरी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का बड़ा चुनावी राज्य है और स्मृति ईरानी वहां से सांसद रह चुकी हैं तथा केंद्र सरकार में मंत्री भी रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि उन्हें उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी देने के बजाय छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभार क्यों सौंपा गया।
भाजपा की घोषित सूची के मुताबिक उत्तर प्रदेश का प्रभारी विनोद तावड़े को बनाया गया है, जबकि स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा की जिम्मेदारी दी गई है।
छत्तीसगढ़ में संगठन की जिम्मेदारी संभालेंगी स्मृति ईरानी
स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाए जाने के बाद अब वह प्रदेश में भाजपा के संगठनात्मक कामकाज की निगरानी करेंगी। उनके साथ सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों नियुक्तियां भाजपा के देशव्यापी संगठनात्मक फेरबदल का हिस्सा हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी स्मृति ईरानी को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि उनका राष्ट्रीय अनुभव और संगठनात्मक समर्पण छत्तीसगढ़ में पार्टी के संगठन और जनसेवा के काम को मजबूत करेगा।
कांग्रेस की ओर से आई इस प्रतिक्रिया के बाद स्मृति ईरानी की नई जिम्मेदारी को लेकर प्रदेश की राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस की ओर से इस नियुक्ति को लेकर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।