ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पति की मौत के मामले में अदालत ने पत्नी को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले में पेश किए गए परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ी को महत्वपूर्ण माना और आरोपी पत्नी प्रीति उर्फ प्रतिमा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी पर 2 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

विवाद के दौरान पति पर किया था हमला
मामला अप्रैल 2021 का है। अभियोजन के अनुसार, पति बलराम और पत्नी प्रीति उर्फ प्रतिमा के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान प्रीति ने बलराम के पेट पर लात-घूंसों से हमला किया।
हमले में बलराम की छोटी आंत में गंभीर चोट आई और उसमें छेद हो गया। हालत बिगड़ने के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और संबंधित साक्ष्य जुटाकर अदालत के समक्ष पेश किए।
परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ी को माना अहम
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन की ओर से पेश किए गए परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। कोर्ट ने माना कि उपलब्ध साक्ष्यों की कड़ी पूरी है और उनसे आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध साबित होता है।
बचाव पक्ष की ओर से घटना के समय मौजूदगी और परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए गए, लेकिन अदालत ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को स्वीकार किया।
धारा 302 में उम्रकैद की सजा
साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद जिला अदालत ने प्रीति उर्फ प्रतिमा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का दोषी ठहराया।
कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास और 2 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।