उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद विवाद के बीच सोशल मीडिया पर कथित तौर पर भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने ऐसे वीडियो वायरल करने के आरोप में पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले में 7 FIR दर्ज होने के बाद 100 से अधिक इंस्टाग्राम अकाउंट ब्लॉक किए जाने की जानकारी सामने आई है।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान शहर में तनाव की स्थिति बन गई थी।
शाही मस्जिद विवाद के दौरान पथराव और आंसू गैस का इस्तेमाल
सोमवार को मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। विरोध के बीच पुलिस पर पथराव की घटना सामने आई। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। बाद में तनाव दोबारा बढ़ने पर लाठीचार्ज भी किया गया।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर शाही मस्जिद विवाद से जुड़े कई वीडियो तेजी से प्रसारित होने लगे। पुलिस ने वायरल वीडियो और पोस्ट की निगरानी शुरू की और कथित तौर पर भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।
सोशल मीडिया पर अफवाहों को लेकर पुलिस की एडवाइजरी
पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि संवेदनशील मामलों से जुड़ी किसी भी जानकारी को बिना पुष्टि के साझा न करें। खासकर ऐसे वीडियो और पोस्ट को आगे बढ़ाने से बचने को कहा गया है, जिनसे भ्रम फैलने या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला हर वीडियो जरूरी नहीं कि सही हो। इसलिए किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना जरूरी है। भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के मामले में कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
पथराव करने वालों की पहचान के लिए फुटेज खंगाल रही पुलिस
शाही मस्जिद विवाद के दौरान पुलिस पर हुए पथराव और उपद्रव के मामले में भी जांच जारी है। पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पथराव के मामले में 10 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई अब दो स्तर पर जारी है। एक ओर मौके पर पथराव और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है, तो दूसरी ओर सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों की भी जांच की जा रही है।
रविवार रात सहमति की चर्चा, सोमवार सुबह फिर बढ़ा तनाव
इस घटनाक्रम में एक अहम पहलू यह भी है कि रविवार रात प्रशासन और शहर काजी के बीच मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने को लेकर सहमति बनने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद सोमवार सुबह बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और विरोध के दौरान तनाव बढ़ गया।
सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाया जाना था। कार्रवाई शुरू होने से पहले बैरिकेडिंग के आसपास लोगों की भीड़ जुटी और विरोध के बीच पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
एसपी प्रदीप शर्मा ने कार्रवाई पर दी जानकारी
इस पूरे मामले को लेकर लल्लूराम डॉट कॉम ने उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा से बातचीत की। बातचीत में एसपी ने सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक सामग्री प्रसारित करने और पुलिस पर पथराव के मामलों में की जा रही कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी।
उज्जैन पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री प्रसारित करने से जुड़े मामलों में साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई जारी रहेगी।