भोपाल। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य प्रदेश के पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भोपाल में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भूरिया ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और भूरिया पर निशाना साधते हुए बयान को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया।

‘ज्ञानेश नहीं, मूर्खेष हैं’: भूरिया की टिप्पणी पर विवाद
भोपाल में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत में कांतिलाल भूरिया ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। भूरिया ने उन्हें ‘मूर्खेष’ कहते हुए फांसी पर लटकाने जैसी टिप्पणी की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार को लेकर भी आपत्तिजनक बयान दिया।
भूरिया की इस टिप्पणी के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी ने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
बीजेपी प्रवक्ता अजय यादव बोले- संवैधानिक संस्थाओं का अपमान
बीजेपी प्रवक्ता अजय यादव ने भूरिया के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि जनता से लगातार नकारे जाने के बाद कांग्रेस बौखलाहट में संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रही है।
यादव ने बयान को अमर्यादित और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया। बीजेपी ने कांग्रेस से अपने नेता के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन, व्यापम चौराहे पर रोका गया मार्च
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने भोपाल में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यालय से चुनाव आयोग तक पैदल मार्च निकाला गया, जिसमें वरिष्ठ पदाधिकारियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
पुलिस ने मार्च को व्यापम चौराहे पर रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। घटनाक्रम में कांग्रेस के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के क्या आरोप हैं?
कांग्रेस सहित विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदान संबंधी डेटा के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं तथा इससे बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं।
मीडिया रिपोर्टों में मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रियाओं, फॉर्म-6 में बदलाव और डेटा के केंद्रीकरण को लेकर चुनाव आयोग के भीतर आपत्तियां दर्ज किए जाने के दावे भी सामने आए हैं। इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के दल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, आपराधिक मुकदमे और विशेष जांच की मांग कर रहे हैं।
ये विपक्ष के आरोप और मांगें हैं। इनकी पुष्टि तथा संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक दस्तावेजों और जांच के आधार पर ही निकाला जा सकता है।