खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन-बड़वानी संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद गजेंद्र पटेल अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। धार्मिक आयोजनों और त्योहारों में बजने वाले DJ पर नाचने वाले युवाओं को लेकर की गई उनकी टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बयान में सांसद ने दावा किया कि धार्मिक जुलूसों और त्योहारों के दौरान DJ की धुन पर थिरकने वाले लगभग 90 प्रतिशत युवक-युवतियां शराब के नशे में होते हैं। उनकी इस टिप्पणी के बाद धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में DJ संस्कृति को लेकर बहस शुरू हो गई है।

“90% युवक-युवतियां शराब के नशे में होते हैं धुत”
सांसद गजेंद्र पटेल ने शिव डोला, गणेश विसर्जन की झांकियों और नवरात्र जैसे धार्मिक आयोजनों का उल्लेख करते हुए DJ पर नाचने वाली युवा पीढ़ी को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि इन आयोजनों में DJ की धुन पर थिरकने वाले करीब 90 प्रतिशत युवक-युवतियां शराब के नशे में होते हैं।
सांसद के इस बयान ने धार्मिक आयोजनों में DJ के इस्तेमाल और युवाओं की भागीदारी को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, 90 प्रतिशत युवाओं के नशे में होने संबंधी उनके दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।
कसरावद में विकास कार्यों के कार्यक्रम के दौरान दिया बयान
जानकारी के मुताबिक, सांसद गजेंद्र पटेल खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान वे मंच से आम जनता और कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने धार्मिक जुलूसों में DJ के इस्तेमाल और उनमें शामिल युवाओं को लेकर अपनी बात रखी।
कार्यक्रम में मौजूद किसी व्यक्ति ने उनके संबोधन का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। इसके बाद वीडियो वायरल होने लगा और सांसद की टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई।
धार्मिक आयोजनों में DJ संस्कृति पर बहस
शिव डोला, गणेश विसर्जन और नवरात्र जैसे आयोजनों में DJ और संगीत का इस्तेमाल कई जगहों पर उत्सव का हिस्सा है। ऐसे में सांसद की टिप्पणी ने धार्मिक आयोजनों में युवाओं की भागीदारी और नशे से जुड़े मुद्दों पर बहस को जन्म दिया है।
फिलहाल, सांसद के बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाओं की चर्चा हो रही है। उनके दावे की वास्तविकता और व्यापकता का आकलन करने के लिए स्वतंत्र प्रमाण जरूरी होंगे।