खंडवा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 5 अक्टूबर को खंडवा जिले के हरसूद पहुंचे। यहां उन्होंने वीरांगना रानी दुर्गावती के 502वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित तेंदूपत्ता बोनस एवं काष्ठ लाभांश राशि वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने गोंड परंपरा के अनुसार प्रकृति पूजा और बड़ादेव का विधिवत पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने 142.90 करोड़ रुपये की लागत के 18 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया और जनजातीय क्षेत्रों के विकास, शिक्षा, परिवहन तथा बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई घोषणाएं कीं।

कार्यक्रम में 52 गढ़ों से आए राजवंशजों को खड़ग और प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती का जीवन राष्ट्र प्रथम, स्वाभिमान, नेतृत्व क्षमता, नारी शक्ति के सम्मान और प्रकृति संरक्षण की प्रेरणा देता है।
रानी दुर्गावती के जीवन से मिलती है राष्ट्र प्रथम की प्रेरणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार विरासत से विकास के संकल्प के साथ गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने और उसे आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती के जन्मोत्सव पर 52 गढ़ों के राजवंशजों का सम्मान करना उनके लिए गौरव का विषय है। रानी दुर्गावती का जीवन विपरीत परिस्थितियों में साहस, स्वाभिमान और नेतृत्व क्षमता का उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने उनके शौर्य, जल संरक्षण और प्रकृति के प्रति सम्मान के संदेश को भी याद किया।
जनकल्याणकारी योजनाओं से शिक्षा और रोजगार को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि गरीब विद्यार्थियों की मेडिकल शिक्षा के लिए सरकार आर्थिक सहायता दे रही है। मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप दिए गए हैं, जबकि शासकीय स्कूलों के बच्चों को निःशुल्क किताबें और साइकिलें उपलब्ध कराई गई हैं।
डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 39 मेडिकल कॉलेज और अस्पताल संचालित हो रहे हैं। उनके मुताबिक, राज्य में 85 हजार युवाओं को शासकीय पदों पर रोजगार दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इसी साल एक लाख करोड़ रुपये की लागत से जनकल्याणकारी कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा को प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंचाना है। इस सेवा की शुरुआत हो चुकी है और जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को भी इसका लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है।
किसानों को सिंचाई और बिजली की सुविधाएं देने पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है। कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को योजनाओं की जानकारी और लाभ उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में हरसूद क्षेत्र की करवानी उद्वहन सिंचाई परियोजना पर तेजी से काम करने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में 25 करोड़ रुपये की लागत से बिजली आपूर्ति से जुड़े कार्य पूरे किए जाएंगे। किसानों को दिन में भी 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा रही है।
जनजातीय क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के साथ जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बालाघाट और मंडला जिलों में नक्सलवाद की समस्या समाप्त करने का दावा करते हुए सुरक्षा और विकास के प्रयासों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक शिक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि वहां के लोगों को भी विकास के समान अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर धाम को पीएमश्री हेली सेवा से जोड़ने, जरूरतमंदों को एयर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने और राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रमुख घोषणाएं
हरसूद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा, छात्रावास, खेल और जनजातीय विकास से जुड़ी कई घोषणाएं कीं।
- खालवा क्षेत्र में 6 सांदीपनि विद्यालय बनाए जाएंगे।
- हरसूद में 490 सीटर नया कन्या छात्रावास बनाया जाएगा।
- छात्रावासों में 34 करोड़ रुपये की लागत से रोटी मेकर मशीनें लगाई जाएंगी।
- छात्रावासों में हैवी ड्यूटी वॉटर कूलर लगाए जाएंगे।
- छात्रावासों में 18 करोड़ रुपये की लागत से ई-लाइब्रेरी विकसित की जाएंगी।
- 161 करोड़ रुपये की लागत से 40 नए जनजातीय छात्रावास बनाए जाएंगे।
- आश्रम स्कूलों को 143 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
- खंडवा में 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हाईटेक नर्सरी बनाई जाएगी।
- हरसूद सहित खंडवा जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे।
जनजातीय समाज के विकास और विरासत संरक्षण पर फोकस
वीरांगना रानी दुर्गावती जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में परंपरागत प्रकृति पूजा, राजवंशजों का सम्मान और विकास कार्यों की घोषणाओं के जरिए जनजातीय विरासत और क्षेत्रीय विकास को प्रमुखता दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि जनजातीय अंचलों में शिक्षा, सिंचाई, बिजली, परिवहन और खेल सुविधाओं का विस्तार हो। घोषित परियोजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।