टीकमगढ़, मध्य प्रदेश: शहर के कटरा बाजार चौराहे पर दुर्गा पंडाल लगाने को लेकर समिति के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच विवाद हो गया। घटना के दौरान कथित गाली-गलौज और धमकी देने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। बजरंग दल और दुर्गा पंडाल समितियों के कार्यकर्ताओं ने एसपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की। मामले में टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली में पदस्थ उपनिरीक्षक राजवीर यादव को लाइन अटैच कर दिया है।

तीन साल से इसी स्थान पर लगाया जा रहा था पंडाल
जानकारी के अनुसार, कटरा बाजार चौराहे पर स्थानीय समिति पिछले तीन वर्षों से दुर्गा पंडाल सजाकर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करती आ रही है। बीती देर रात समिति के सदस्य पंडाल तैयार कर रहे थे। इसी दौरान कोतवाली में पदस्थ उपनिरीक्षक राजवीर यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पंडाल हटाने की बात कही।
बताया गया कि उपनिरीक्षक ने चौराहे पर पंडाल लगने से आम लोगों के आवागमन में परेशानी होने की आशंका जताई। वहीं, समिति के सदस्यों ने कहा कि वे पिछले तीन वर्षों से इसी स्थान पर प्रतिमा स्थापित करते आ रहे हैं और इससे पहले किसी तरह की असुविधा की शिकायत नहीं हुई थी।
बहस के दौरान अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का आरोप
पंडाल हटाने की बात पर पुलिस और समिति के कार्यकर्ताओं के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इस दौरान उपनिरीक्षक ने कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें घर से उठाकर ले जाने की धमकी दी।
मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया, जिसके बाद पुलिस टीम वहां से लौट गई। घटना का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया।
बजरंग दल और पंडाल समितियों का प्रदर्शन
वीडियो सामने आने के बाद बजरंग दल और विभिन्न दुर्गा पंडाल समितियों के कार्यकर्ताओं ने एसपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर संबंधित उपनिरीक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
एसपी ने उपनिरीक्षक को लाइन अटैच किया
मामले को लेकर हुए विरोध के बाद पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक राजवीर यादव को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया। यह प्रशासनिक कार्रवाई है। घटना के दौरान हुए कथित दुर्व्यवहार और विवाद से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।