November 4, 2026

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने पर मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ से अधिक जनता की ओर से उनका अभिनंदन किया गया। मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर भारत और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मिलकर काम करने का संकल्प सर्वसम्मति से पारित किया।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को संकल्प की जानकारी दी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को बताया ऐतिहासिक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानसेवक तक के अपने सफर में त्याग, समर्पण और लोककल्याण का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में बुनियादी ढांचे, डिजिटल तकनीक, विनिर्माण, गरीबों, वंचितों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आए हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री का ‘वी विल डू इट’ मंत्र देश की सामूहिक शक्ति और आत्मविश्वास को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देगा।

कैबिनेट संकल्प में केंद्र सरकार की योजनाओं और फैसलों का उल्लेख

मंत्रि-परिषद के संकल्प में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतिगत फैसलों को शामिल किया गया। इनमें प्रधानमंत्री जन-धन योजना, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, स्वामित्व योजना, पीएम स्वनिधि और उज्ज्वला योजना प्रमुख हैं। संकल्प में 80 करोड़ से अधिक लोगों को निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया गया।

इसके अलावा, नोटबंदी, जीएसटी, तीन तलाक कानून, नई न्याय संहिताओं, जन विश्वास अधिनियम, नीति आयोग, प्रगति मंच, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और पीएम गति शक्ति जैसी पहलों का जिक्र किया गया।

डिजिटल अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास के संदर्भ में यूपीआई, सेमीकंडक्टर मिशन, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और इंडिया एआई मिशन का उल्लेख हुआ। संकल्प में कहा गया कि दो लाख से अधिक स्टार्टअप युवाओं के उद्यमशीलता संबंधी सपनों को आगे बढ़ा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, आयुष्मान वय वंदना, जन औषधि केंद्र और नारी शक्ति वंदन अधिनियम को भी प्रमुख पहलों में शामिल किया गया।

राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संदर्भ में संकल्प में अनुच्छेद 370 हटाने, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर, अंतरिक्ष मिशनों, श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और एकात्म धाम का उल्लेख किया गया।

युवाओं, हवाई कनेक्टिविटी और निवेश पर जोर

संकल्प में मध्यप्रदेश में लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं को अधिक समयबद्ध और पारदर्शी बनाने, हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने और नए हवाई अड्डों व हवाई पट्टियों के विकास का जिक्र किया गया। राज्य में लागू किए गए नए श्रम कानूनों को निवेश-अनुकूल वातावरण और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने से भी जोड़ा गया।

हालांकि, लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की आवृत्ति को लेकर संकल्प के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग विवरण दिए गए हैं। एक जगह वर्ष में दो बार परीक्षा आयोजित करने की बात कही गई है, जबकि दूसरे हिस्से में विशेष परीक्षा वर्ष में एक बार आयोजित करने का उल्लेख है।

सिंचाई परियोजनाओं और वन्यजीव संरक्षण का उल्लेख

कैबिनेट के संकल्प में केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल और तापी-बेसिन परियोजनाओं के माध्यम से सिंचाई क्षमता बढ़ाने की योजनाओं को प्रदेश के विकास से जोड़ा गया। संकल्प में नक्सलवाद से मुक्ति के लक्ष्य और प्रधानमंत्री के नेतृत्व की भी सराहना की गई।

वन्यजीव संरक्षण के तहत कूनो, गांधीसागर और वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीता रहवास विकसित करने का उल्लेख किया गया। संकल्प में मध्यप्रदेश में चीतों की संख्या 60 बताई गई। इसके अलावा, श्रीमहाकाल महालोक के प्रथम चरण का लोकार्पण 11 अक्टूबर 2022 को होने और जबलपुर में वीरांगना रानी दुर्गावती स्मारक एवं उद्यान के भूमिपूजन का भी जिक्र हुआ।

भोपाल-इंदौर मेट्रो और ऊर्जा परियोजनाओं पर फोकस

संकल्प के अनुसार, भोपाल और इंदौर में लगभग 23 हजार करोड़ रुपये की मेट्रो परियोजनाएं आकार ले चुकी हैं। भोपाल के पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति के नाम पर रखे जाने और धार जिले को रेल लाइन से जोड़ने का भी उल्लेख किया गया।

धार के पीएम मित्र पार्क में भूमि आवंटन की प्रक्रिया 24 दिनों में पूरी करने को मध्यप्रदेश की उपलब्धि बताया गया। मुरैना में सोलर और बैटरी स्टोरेज परियोजना स्थापित करने, प्रदेश की ऊर्जा क्षमता 30 हजार मेगावाट से अधिक होने और उसमें 30 प्रतिशत स्वच्छ ऊर्जा होने की बात भी संकल्प में कही गई।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को 25 सितंबर को दोबारा शुरू करने और पीएम ई-बस सेवा के तहत प्रमुख शहरों में ई-बसें चलाने का उल्लेख किया गया।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वास्थ्य योजनाओं पर जोर

संकल्प में कहा गया कि मध्यप्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब 65 लाख महिलाएं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ी हैं। लखपति दीदी और ड्रोन दीदी पहल को महिलाओं की आत्मनिर्भरता के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।

बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण और स्कूली छात्राओं के बैंक खातों में सैनिटरी नैपकिन के लिए राशि हस्तांतरित करने का भी उल्लेख किया गया। विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 पारित होने और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में विशेष सत्र के दौरान संकल्प पारित किए जाने की बात भी इसमें शामिल है।

दो लाख से अधिक सरकारी नौकरियों का लक्ष्य

मध्यप्रदेश में दो लाख से अधिक नई सरकारी नौकरियों के सृजन का लक्ष्य संकल्प में शामिल किया गया है। इसके साथ ही अगले वर्ष 12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 स्किल यूनिवर्सिटी शुरू करने, एक लाख युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देने तथा महाविद्यालयों में एआई और एडवांस कंप्यूटिंग लैब स्थापित करने का लक्ष्य बताया गया।

प्रदेश की पांच वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय का भी उल्लेख किया गया।

GIS-2025 के निवेश प्रस्तावों और नई औद्योगिक नीतियों का जिक्र

संकल्प के मुताबिक, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 (GIS-2025) में 30.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन की बात कही गई। उद्योग स्थापना को आसान बनाने के लिए राज्य में 25 नई नीतियां लागू किए जाने का उल्लेख भी हुआ। संकल्प के अनुसार, इनमें से 18 प्रमुख नीतियों का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

ग्वालियर में देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होने को भी प्रदेश के औद्योगिक विकास से जुड़ी उपलब्धि बताया गया।

सेवा-संकल्प अभियान और सिंहस्थ-2028 की तैयारियां

संकल्प में सेवा-संकल्प अभियान-2026 के तहत आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का उल्लेख किया गया। इसमें 3 करोड़ 87 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए जाने और उज्जैन में 33 लाख से अधिक दीप जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाए जाने की बात कही गई।

इसके साथ ही सिंहस्थ-2028 की तैयारियां मिशन मोड में जारी रहने और वर्ष 2027 की दीपावली तक सभी कार्य पूरे करने का लक्ष्य बताया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र-राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से मध्यप्रदेश विकास, निवेश, रोजगार, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण के क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

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