November 5, 2026

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कपड़ा कारोबारी के 53 लाख रुपये से भरे बैग की उठाईगिरी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पूरी 53 लाख रुपये की नकदी बरामद करने का दावा किया है। वारदात में इस्तेमाल पल्सर मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। इसके अलावा आरोपियों के तीन बैंक खातों को फ्रीज कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात से पहले करीब एक सप्ताह तक कारोबारी की रेकी की थी।

मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास का है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष यदु (39) और कमलेश कुशवाहा (36) के रूप में हुई है।

पान खाने रुका कारोबारी, एक्टिवा से गायब हो गया 53 लाख का बैग

पुलिस के अनुसार, शैलेंद्र नगर निवासी किशोर बलवानी की पंडरी कपड़ा मार्केट में रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। 9 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11:40 बजे वह अपनी एक्टिवा से दुकान जाने के लिए घर से निकला था। उसके वाहन के सामने वाले पायदान पर सफेद कपड़े के बैग में 53 लाख रुपये रखे थे।

करीब पांच मिनट बाद, सुबह 11:45 बजे, कारोबारी कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास अप्पू पान ठेला के सामने पहुंचा। उसने अपनी एक्टिवा खड़ी की और पान खाने चला गया। कुछ देर बाद वापस लौटने पर उसे पायदान पर रखा नकदी से भरा बैग गायब मिला।

अज्ञात आरोपी बैग लेकर फरार हो चुके थे। इसके बाद पीड़ित ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

एक सप्ताह तक की रेकी, फिर मौका मिलते ही वारदात

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात से पहले करीब एक सप्ताह तक कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रखी थी। वे उसके घर से दुकान आने-जाने के समय और रोजमर्रा की दिनचर्या की रेकी कर रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, 9 अक्टूबर को कारोबारी के घर से निकलते ही दोनों आरोपियों ने उसका पीछा किया। कटोरा तालाब के पास मौका मिलते ही वे नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए।

हजारों CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान

वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों पर लगे हजारों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की। फुटेज में बिना नंबर प्लेट की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए।

पुलिस ने अलग-अलग कैमरों के फुटेज का क्रमवार विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया। जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार कपड़े बदल रहे थे और सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे।

तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों की पहचान मनीष यदु और कमलेश कुशवाहा के रूप में की। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर दोनों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की।

गीजर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों में छिपाई थी नकदी

पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपियों ने चोरी की रकम को अपने घर में अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया था। नकदी का एक हिस्सा गीजर के अंदर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों में रखा गया था।

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 53 लाख रुपये नकद बरामद किए। जांच के दौरान यह भी पता चला कि रकम का कुछ हिस्सा आरोपियों ने अपने तीन बैंक खातों में जमा कराया था। पुलिस ने इन खातों को फ्रीज करा दिया है।

पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पल्सर मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी दर्ज रहे हैं मामले

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मनीष यदु (39), पिता शत्रुघन लाल यदु, निवासी सेक्टर-2, डीडी नगर और कमलेश कुशवाहा (36), पिता शिवनाथ कुशवाहा, निवासी टाटीबंध, के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि मनीष यदु के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मारपीट और जुआ एक्ट से संबंधित मामले दर्ज हैं। वह इन मामलों में जेल भी जा चुका है। वर्ष 2012 में आजाद चौक थाने में नकदी लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में भी उसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी।

वहीं, कमलेश कुशवाहा को भी पूर्व में सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मारपीट से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।

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