रायपुर। राजधानी रायपुर में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। आज शाम 7 बजे तक खारून नदी के महादेव घाट के पास बने विसर्जन कुंड में 30 प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका था। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए खारून नदी में सीधे प्रतिमा विसर्जन पर प्रतिबंध लगाया गया है। श्रद्धालुओं को नदी के पास बनाए गए निर्धारित विसर्जन कुंड में ही प्रतिमाओं का विसर्जन करना होगा।

वहीं, 20 अक्टूबर को दशहरा के अवसर पर शहर में छह से अधिक स्थानों पर रावण दहन के आयोजन होंगे। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने अधिकारियों की समिति गठित की है।
रायपुर में इन जगहों पर होगा रावण दहन
दशहरा पर शहर के प्रमुख स्थानों पर रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें रावणभाठा और डब्ल्यूआरएस कॉलोनी के आयोजन प्रमुख हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ नगर, चौबे कॉलोनी, राजेंद्र नगर, शंकर नगर और रामकुंड स्थित स्वामी विवेकानंद आश्रम के पास भी रावण दहन होगा।
नगर निगम ने सभी आयोजन स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, अग्निशमन वाहन और पहुंच मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को सभी जरूरी इंतजाम समय पर पूरे करने को कहा गया है।
खारून नदी में प्रतिमा विसर्जन पर प्रतिबंध
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन सीधे खारून नदी में नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए नदी के पास निर्धारित विसर्जन कुंड बनाया गया है, जहां प्रतिमाओं का विसर्जन करना अनिवार्य होगा।
निगम के निर्देशों के अनुसार, विसर्जन से पहले पूजन सामग्री को अलग कर निर्धारित स्थान पर रखना होगा। विसर्जन कुंड में जमा मलबा, बांस-बल्लियां और अन्य सामग्री 24 घंटे के भीतर हटानी होगी, ताकि जल प्रदूषण को रोका जा सके और पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।
ध्वनि और वायु प्रदूषण पर भी रहेगी नजर
दशहरा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान ध्वनि एवं वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम, जिला प्रशासन और रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के बीच समन्वय किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम ने गठित की अधिकारियों की समिति
नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने दशहरा आयोजन और विसर्जन कुंड की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए अधिकारियों की समिति बनाई है। इसमें अपर आयुक्त विनोद पांडेय, उपायुक्त स्वास्थ्य जसदेव सिंह बाबरा, जोन-2 के कमिश्नर संतोष पांडेय, जोन-5 के कमिश्नर राकेश शर्मा और जोन-6 की कमिश्नर प्रीति सिंह सहित इंजीनियरिंग एवं जल विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
समिति विसर्जन स्थल पर शामियाना, रोशनी, माइक, अग्निशमन वाहन और चिकित्सा सुविधा जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी। इसका उद्देश्य विसर्जन और दशहरा आयोजनों को सुरक्षित, व्यवस्थित और पर्यावरण अनुकूल तरीके से संपन्न कराना है।