मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ मंगलवार को उज्जैन से शुरू हो गई। यात्रा के शुभारंभ से पहले दिग्विजय सिंह अपनी पत्नी के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंचे और पार्थिव शिवलिंग निर्माण में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने भगवान चिंतामन गणेश और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और यात्रा की सफलता की कामना की।

विजयादशमी पर दिया धर्म और सनातन परंपराओं का संदेश
विजयादशमी के अवसर पर दिग्विजय सिंह ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम ने अधर्म पर विजय प्राप्त की थी। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर सभी को संकल्प लेना चाहिए कि देश में सनातन परंपराओं और उनके सही उपदेशों का पालन हो।
BJP के ‘नौटंकी’ वाले बयान पर दी प्रतिक्रिया
भाजपा की ओर से यात्रा को नौटंकी बताए जाने पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि सभी को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यात्रा का उद्देश्य धर्म के नाम पर हो रहे कथित दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाना है।
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर लोगों की आस्था का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने राम मंदिर में चंदा चोरी और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन्हीं मामलों को लेकर यह यात्रा निकाली जा रही है।
उज्जैन से अयोध्या तक जाएगी यात्रा
दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ उज्जैन से अयोध्या तक जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, करीब 70 दिनों में 930 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। यात्रा के दौरान प्रतिदिन लगभग 15 किलोमीटर चलने का लक्ष्य रखा गया है।
इस यात्रा के जरिए राम मंदिर ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं की जांच, जवाबदेही और पारदर्शिता समेत विभिन्न मांगें उठाई जा रही हैं। दिग्विजय सिंह पहले ही कह चुके हैं कि उनके अनुसार यह यात्रा राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का प्रयास है।