मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के बहुप्रतीक्षित चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने बार एसोसिएशन की ओर से गठित आठ सदस्यीय कमेटी को 23 अक्टूबर से ही चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में चुनाव की अंतिम समयसीमा 31 दिसंबर से आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।

अदालत ने स्टेट बार काउंसिल की तदर्थ (Ad-hoc) समिति को चुनाव की जिम्मेदारी सौंपने पर भी रोक लगा दी है।
कार्यकारिणी भंग होने के बाद से बना था विवाद
ग्वालियर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी भंग होने के बाद से नए चुनाव कराने को लेकर विवाद और असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। जानकारी के मुताबिक, 20 अप्रैल 2025 को बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी भंग कर दी गई थी।
इसके बाद 17 अगस्त 2026 को चुनाव कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। इसी बीच 8 अक्टूबर को स्टेट बार काउंसिल की ओर से चुनाव संचालन के लिए तदर्थ समिति गठित करने की बात सामने आई थी। इससे चुनाव प्रक्रिया को लेकर स्थिति और उलझ गई थी।
आठ सदस्यीय कमेटी कराएगी चुनाव
मामले पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन की ओर से पहले से गठित आठ सदस्यीय कमेटी को ही चुनाव कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। अदालत ने चुनाव कार्यक्रम को लेकर समयसीमा भी तय कर दी है।
आदेश के प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं:
- आठ सदस्यीय कमेटी 23 अक्टूबर से चुनाव प्रक्रिया शुरू करेगी।
- चुनाव से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं और मतदान 23 दिसंबर तक पूरे किए जाएंगे।
- किसी भी परिस्थिति में चुनाव की अंतिम समयसीमा 31 दिसंबर से आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
- स्टेट बार काउंसिल की तदर्थ समिति चुनाव की कमान नहीं संभालेगी।
तय समयसीमा में चुनाव कराना होगी चुनौती
हाईकोर्ट के आदेश के बाद ग्वालियर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। अब आठ सदस्यीय कमेटी के सामने तय कार्यक्रम के अनुसार चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी है। सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि कमेटी निर्धारित समयसीमा में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न करा पाती है या नहीं।