मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शराब ठेके से जुड़े कथित वित्तीय फर्जीवाड़े के मामले में लोकायुक्त संगठन ने बड़ी कार्रवाई की है। वर्ष 2024-25 के शराब ठेके के दौरान 2 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक की कथित फर्जी बैंक गारंटी (FDR) और सत्यापन रिपोर्ट को प्रतिभूति के रूप में इस्तेमाल करने के आरोप में तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त दीपम रायचूरा और शराब ठेकेदार जसवंत सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

लोकायुक्त महानिदेशक के संज्ञान के बाद दर्ज हुआ मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख ने इसका संज्ञान लिया था। प्रारंभिक जांच में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रथम दृष्टया गंभीर अपराध सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के माध्यम से विशेष पुलिस स्थापना, भोपाल में प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में आरोपी बनाए गए शराब ठेकेदार जसवंत सिंह हरियाणा के झज्जर के निवासी बताए जा रहे हैं।
अन्य अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
लोकायुक्त संगठन अब यह पता लगा रहा है कि शराब ठेके से जुड़े दस्तावेजों और कथित फर्जी FDR के इस्तेमाल में किन अन्य लोगों की भूमिका रही। जांच में संबंधित सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों की संभावित मिलीभगत की भी पड़ताल की जाएगी।
जांच एजेंसी का उद्देश्य कथित फर्जीवाड़े से जुड़े सभी लोगों की भूमिका सामने लाना है। फिलहाल आरोपों की जांच जारी है।