November 8, 2026

रायगढ़। ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें बेहतर मंच देने के उद्देश्य से अदाणी फाउंडेशन ने ग्राम मिलुपारा के आदर्श ग्राम्य भारती विद्यालय में केंद्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया। कबड्डी और खो-खो पर आधारित इस प्रतियोगिता में तमनार, धरमजयगढ़, मिलुपारा, पुसौर, धौराभांठा, लिब्रा और राजपुर सहित सात स्कूल क्लस्टरों के 400 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के साथ अनुशासन और टीम भावना का परिचय दिया।

अतिथियों की मौजूदगी में हुआ प्रतियोगिता का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भंसीधर चौधरी, नंदिनी मनोज राय, पेलमा के साइट हेड, गारे पेल्मा-तीन के साइट हेड और लॉजिस्टिक्स हेड की उपस्थिति में हुआ।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मिलुपारा के सरपंच उद्धव भगत, उपसरपंच सीताराम चौधरी, मंडल अध्यक्ष सरोज बेहरा, यादलाल नायक, बबलू पटेल, अशोक पटेल और नित्यानंद सहित अदाणी समूह के प्रतिनिधि तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

कबड्डी और खो-खो में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

प्रतियोगिता के दौरान कबड्डी और खो-खो के मैदानों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। अलग-अलग स्कूलों से आई बालक और बालिका टीमों ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया। कड़े मुकाबलों के बाद समापन समारोह में विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, मोमेंटो और विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

आयोजकों ने खेल भावना को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को आकर्षक उपहार भी दिए।

खिलाड़ियों के लिए बस और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था

ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अदाणी फाउंडेशन की ओर से विशेष बस परिवहन की व्यवस्था की गई थी, ताकि बच्चे सुरक्षित तरीके से आयोजन स्थल तक पहुंच सकें। खेल के दौरान संभावित चोट या आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकीय टीम और प्राथमिक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

खेल से विकसित होते हैं अनुशासन और नेतृत्व के गुण

कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल जीत और हार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों से नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और आपसी सहयोग जैसे गुण विकसित होते हैं।

पेलमा के साइट हेड ने कहा कि खेल शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और वे स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित होते हैं।

वहीं, गारे पेल्मा-तीन के साइट हेड ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने कहा कि अदाणी फाउंडेशन शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद के क्षेत्र में भी बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल

उल्लेखनीय है कि अदाणी फाउंडेशन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामुदायिक बुनियादी ढांचे के विकास के साथ खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार प्रयास कर रहा है। केंद्रीय खेल प्रतियोगिता इसी पहल का हिस्सा है, जिसके माध्यम से ग्रामीण विद्यार्थियों को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

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