मध्य प्रदेश में भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। हत्या के प्रयास के एक मामले में लगातार अदालत में पेश नहीं होने पर ग्वालियर जिला कोर्ट ने उन्हें फरार घोषित करते हुए स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। खास बात यह है कि करीब तीन महीने के भीतर दूसरी बार उनके खिलाफ इस तरह का आदेश जारी हुआ है।

कई पेशियों पर अदालत में नहीं हुए पेश
यह मामला ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के प्रयास के केस से जुड़ा है। अदालत में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिनेश लोधी आखिरी बार 22 जुलाई 2024 को व्यक्तिगत रूप से पेश हुए थे। इसके बाद 23 अगस्त 2024 से 16 मार्च 2026 तक हुई कई सुनवाइयों में वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
इस दौरान उनकी ओर से हाजिरी माफी के आवेदन लगातार दिए जाते रहे। वहीं, पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि दिनेश लोधी ज्यादातर समय शिवपुरी जिले के पिछोर में रहते हैं और कभी-कभार ही ग्वालियर आते हैं।
लगातार गैरहाजिरी और गिरफ्तारी वारंट की तामील नहीं होने के बाद अदालत ने उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उन्हें फरार दर्ज करने के निर्देश दिए।
दो अलग-अलग मामलों में स्थायी गिरफ्तारी वारंट
दिनेश लोधी इससे पहले भी ग्वालियर की विशेष एससी-एसटी अदालत से फरार घोषित हो चुके हैं। जुलाई में एक अन्य मामले में उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
अब हत्या के प्रयास के मामले में भी अदालत के ताजा आदेश के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस तरह दो अलग-अलग मामलों में उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं।
पुलिस के सामने गिरफ्तारी की चुनौती
अदालत के आदेश के बाद अब पुलिस के सामने दिनेश लोधी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की चुनौती है। लगातार पेशियों पर अनुपस्थित रहने और अलग-अलग मामलों में वारंट जारी होने के चलते आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
यह कार्रवाई अदालत में उनकी गैरहाजिरी से संबंधित है। हत्या के प्रयास के मामले में आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।