September 21, 2026

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित शहीद भगत सिंह संध्या कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव 2026 में छत्तीसगढ़ के बेमेतरा निवासी पीयूष जायसवाल ने संयुक्त सचिव (Joint Secretary) पद पर जीत दर्ज की है। खास बात यह रही कि पीयूष ने किसी बड़े राजनीतिक दल के बैनर के बिना स्वतंत्र प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को 674 वोटों के अंतर से हराया।

पीयूष की जीत के बाद छत्तीसगढ़ में उनके समर्थकों और परिचितों के बीच खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर उन्हें बधाई देने का सिलसिला जारी है।

देवभोग से शुरू हुआ वैज्ञानिक और शोध का सफर

पीयूष जायसवाल, बेमेतरा के प्राचार्य प्यारे लाल जायसवाल के पुत्र हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा छत्तीसगढ़ के डीएवी देवभोग, गरियाबंद में हुई। परिवार के अनुसार, कक्षा 7वीं के दौरान ही पीयूष ने विज्ञान और खगोल विज्ञान से जुड़े विषयों पर लेखन और शोध कार्य शुरू कर दिया था।

कम उम्र में उन्होंने ब्रह्मांड से जुड़े विषयों पर पुस्तक लिखने और गति के नियमों पर शोध पत्र तैयार करने का दावा किया। उनकी वैज्ञानिक रुचि और गतिविधियों के चलते उन्हें विभिन्न मंचों पर सम्मान भी मिला।

CM साय ने ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न’ से किया था सम्मानित

पीयूष जायसवाल को 12 जनवरी 2026 को युवा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया था। उन्हें प्रोत्साहन राशि के तौर पर 2.50 लाख रुपये दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

पीयूष के परिवार के अनुसार, उन्हें विज्ञान, शोध और अन्य क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान मिल चुके हैं।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज होने का दावा

पीयूष जायसवाल के नाम सबसे कम उम्र में विज्ञान अनुसंधान से जुड़े रिकॉर्ड के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होने का दावा किया गया है। इसके अलावा उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अवार्ड, युवा वैज्ञानिक पुरस्कार, बाल श्रेष्ठ पुरस्कार और कलचुरी गौरव रत्न सहित 75 से अधिक सम्मान मिलने की जानकारी दी गई है।

स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर छात्रसंघ चुनाव में उतरे

छात्रसंघ चुनाव के दौरान पीयूष ने किसी राजनीतिक संगठन के बैनर के बजाय स्वतंत्र प्रत्याशी के तौर पर प्रचार किया। उन्होंने छात्र हित, शिक्षा और अपनी वैज्ञानिक सोच को चुनाव प्रचार का प्रमुख आधार बनाया।

कॉलेज परिसर में उनके भाषण और संवाद शैली ने छात्रों का ध्यान खींचा। चुनाव परिणाम में उन्हें 674 वोटों के अंतर से जीत मिली, जिसके बाद उनके समर्थकों ने इसे छात्र राजनीति में स्वतंत्र उम्मीदवार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

पीयूष की इस जीत के बाद छत्तीसगढ़ के बेमेतरा और उनके गृह क्षेत्र में भी समर्थकों और परिचितों ने उन्हें बधाई दी।

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