रायपुर। शहर में नकली पनीर (Analogue Paneer) और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन का अभियान जारी है। विभाग की टीम लगातार डेयरी, होटल, रेस्टोरेंट और कैफे में पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच कर रही है। इसी कड़ी में शनिवार को शहर के अलग-अलग प्रतिष्ठानों में निरीक्षण किया गया।

जांच के दौरान कुछ संस्थानों में पनीर संदिग्ध पाए जाने पर उनके सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, एक कैफे की रसोई में गंभीर स्तर की अस्वच्छता मिलने पर उसका खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
गंदगी मिलने पर सखी कैफे का लाइसेंस सस्पेंड
जानकारी के मुताबिक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शनिवार को शहर के जिंजर कैफे, श्री कृष्णा डेयरी और श्री सखी कैफे का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान तीनों प्रतिष्ठानों से पनीर के नमूने लिए गए और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
निरीक्षण के दौरान श्री सखी कैफे की रसोई में गंभीर अस्वच्छता पाई गई। खाद्य पदार्थों की तैयारी निर्धारित स्वच्छता मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई की।
सुधार होने तक निलंबित रहेगा लाइसेंस
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मुताबिक, सखी कैफे का खाद्य लाइसेंस दो दिनों के लिए या रसोई में संपूर्ण स्वच्छता और आवश्यक सुधार होने तक, जो भी शर्त पहले पूरी हो, निलंबित किया गया है।
वहीं, पनीर के सैंपल की लैब रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डेयरी, होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को हिदायत
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी डेयरी, होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और ढाबा संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने संचालकों को अमानकीकृत डेयरी एनालॉग, नकली या मिलावटी पनीर के उपयोग और बिक्री से बचने की हिदायत दी है। विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से जुड़े मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।