भोपाल। राजधानी के प्रतिष्ठित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) के हॉस्टल में कथित फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। शनिवार को रात्रि भोजन के बाद करीब 40 छात्रों की तबीयत बिगड़ने के मामले में विभाग की टीम ने रविवार को हॉस्टल नंबर 10 की मेस में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल सात नमूने जांच के लिए लिए गए।

प्रारंभिक निरीक्षण के दौरान मेस संचालक खाद्य लाइसेंस, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस रिकॉर्ड और पेस्ट कंट्रोल से संबंधित जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। अब खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और अन्य पहलुओं की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
मेस से लिए गए सात खाद्य पदार्थों के सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मेस में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और रखरखाव की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान कुल सात नमूने लिए गए, जिनमें तीन विधिक और चार सर्विलांस सैंपल शामिल हैं।
- विधिक सैंपल: उड़द दाल, मूंगफली और सेवई।
- सर्विलांस सैंपल: चना, छोला, चावल और अरहर दाल।
इन नमूनों के जरिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच की जाएगी। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी खाद्य सामग्री को छात्रों की तबीयत बिगड़ने का निश्चित कारण नहीं माना जा सकता।
निरीक्षण में जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा सका मेस संचालक
विभागीय टीम के मुताबिक, शुरुआती निरीक्षण के दौरान मेस संचालक खाद्य लाइसेंस, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस रिकॉर्ड और पेस्ट कंट्रोल से जुड़े आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
खाद्य सुरक्षा के लिहाज से इन दस्तावेजों का महत्व है। विभाग की आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और लागू नियमों के आधार पर तय होगी।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रात के खाने के बाद बिगड़ी थी छात्रों की तबीयत
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को हॉस्टल में रात का भोजन करने के बाद करीब 40 छात्रों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी थी। एक साथ कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने से हॉस्टल में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी।
घटना के बाद मेस में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। अब खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि भोजन में किसी तरह की गड़बड़ी थी या नहीं।