November 4, 2026

बालाघाट: मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सूपखार क्षेत्र में करीब 100 साल पहले प्रदेश से विलुप्त हो चुकी जंगली भैंसा प्रजाति के 8 वन्य भैंसों—2 नर और 6 मादा— को सॉफ्ट रिलीज और क्वारंटाइन प्रक्रिया के बाद बड़े बाड़े में आधिकारिक रूप से छोड़ा। राज्य सरकार इस पहल को प्रदेश की जैव-विविधता और वन पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण की दिशा में अहम उपलब्धि मान रही है।

असम के काजीरंगा से कान्हा तक लाए गए जंगली भैंसे

जानकारी के अनुसार, 28 अप्रैल 2026 को असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से इन आठ जंगली भैंसों को मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व के सूपखार क्षेत्र में लाया गया था। यहां शुरुआती देखरेख और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें सॉफ्ट रिलीज प्रक्रिया के तहत रखा गया। अब उन्हें बड़े बाड़े में स्थानांतरित किया गया है।

जैव-विविधता और घास के मैदानों के संरक्षण में मिलेगी मदद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जंगली भैंसों की वापसी से कान्हा टाइगर रिजर्व के घास के मैदानों के पारिस्थितिकी तंत्र के प्रबंधन में मदद मिलेगी। इस पहल से प्रदेश की जैव-विविधता को समृद्ध करने और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण से क्षेत्र में वाइल्डलाइफ टूरिज्म को भी प्रोत्साहन मिल सकता है। इससे स्थानीय युवाओं और लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

वन्यजीव संरक्षण में मध्य प्रदेश की पहल

मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है।

उन्होंने वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में शुरू हुए चीता पुनर्वास कार्यक्रम का जिक्र किया। प्रदेश में कूनो राष्ट्रीय उद्यान के अलावा गांधी सागर अभयारण्य और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में भी चीता संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

जंगली भैंसों को बड़े बाड़े में छोड़े जाने की यह पहल कान्हा क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों की एक नई कड़ी है। इनके अनुकूलन और आगे की निगरानी से जुड़े परिणाम इस परियोजना की दीर्घकालिक सफलता के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *