भोपाल। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) में आने वाले दिनों में संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पार्टी ने अगले तीन महीनों के लिए विशेष रणनीति और लक्ष्य तय किए हैं। भोपाल दौरे पर आए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव की मौजूदगी में हुई बैठकों के बाद संगठन को अधिक सक्रिय और अनुशासित बनाने के लिए नया रोडमैप तैयार किया गया है।

गुटबाजी बर्दाश्त नहीं, मतभेद बातचीत से सुलझाने के निर्देश
बैठकों में प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि संगठन में किसी भी स्तर पर गुटबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। बड़े नेताओं के बीच समन्वय की कमी दूर करने और पार्टी के भीतर बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने विवादित बयान देने वाले नेताओं के प्रति सख्ती बरतने और निष्क्रिय हो चुके वरिष्ठ नेताओं को दोबारा सक्रिय करने की जरूरत भी बताई।
बिप्लब देव ने कहा कि मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें सार्वजनिक मंचों पर लाने के बजाय आपसी बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए। पार्टी नेतृत्व का जोर संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने पर है।
बुलडोजर, जेसीबी और क्रेन से स्वागत पर रोक लगाने के निर्देश
भाजपा संगठन ने नेताओं के स्वागत में होने वाले दिखावे पर भी सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश प्रभारी ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि भविष्य में नेताओं का स्वागत बुलडोजर, जेसीबी या क्रेन के जरिए न किया जाए।
हाल ही में इंदौर में नितिन नवीन के स्वागत के दौरान क्रेन से बड़ी माला पहनाने का मामला सामने आया था। बताया जा रहा है कि यह मामला पार्टी नेतृत्व तक पहुंचा, जिसके बाद स्वागत कार्यक्रमों में सादगी और अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया गया।
भारी-भरकम मालाओं और फूलों की बारिश से बचने की सलाह
बिप्लब देव ने कार्यकर्ताओं को जेसीबी से फूल बरसाने और बड़ी-बड़ी मालाएं पहनाने जैसी गतिविधियों से बचने की सलाह दी। संगठन का संदेश है कि नेताओं के स्वागत में संसाधनों और धन का प्रदर्शन करने के बजाय पार्टी के काम और जनहित के मुद्दों पर ध्यान दिया जाए।
इन निर्देशों के जरिए स्वागत कार्यक्रमों में अनावश्यक दिखावे को कम करने और संगठन की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।
पोस्टर-बैनर में चेहरा चमकाने के बजाय योजनाओं का प्रचार करें
प्रदेश प्रभारी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि पोस्टर और बैनर के जरिए व्यक्तिगत प्रचार पर जोर देने के बजाय सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाया जाए।
पार्टी की रणनीति में सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार, संगठनात्मक सक्रियता और नेताओं के बीच बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दी गई है। अगले तीन महीनों में इन लक्ष्यों पर काम करने के साथ संगठन की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर फोकस रहेगा।
अगले तीन महीने संगठन के लिए अहम
मध्य प्रदेश भाजपा में तैयार किए गए नए रोडमैप के तहत गुटबाजी पर नियंत्रण, वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता, विवादित बयानों पर सख्ती और स्वागत कार्यक्रमों में सादगी जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया है।
अब देखना होगा कि पार्टी अगले तीन महीनों में इन निर्देशों को किस तरह लागू करती है और संगठनात्मक स्तर पर क्या बदलाव सामने आते हैं।