शहर में विभिन्न मांगों को लेकर सवर्ण समाज के संगठनों ने बड़ा आंदोलन शुरू किया है। सामाजिक न्याय संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन को ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और कायस्थ समाज समेत कई सवर्ण संगठनों का समर्थन मिला है। आंदोलन के तहत ग्वालियर बंद का आह्वान किया गया है और बाजार बंद रखने के लिए व्यापारियों एवं आम लोगों से सहयोग की अपील की गई है।

लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर विशाल धरना
आंदोलन के तहत शहर के ऐतिहासिक लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर सुबह से ही धरना-प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं। भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के लिए शाम 5 बजे तक की अनुमति दी गई है। इसके बाद प्रदर्शनकारी प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे और आंदोलन समाप्त किया जाएगा।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें
सामाजिक न्याय संघर्ष समिति और समर्थक संगठनों की ओर से कई मांगें उठाई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- UGC के फैसले को वापस लेने की मांग।
- आरक्षण व्यवस्था को पूरी तरह आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग।
- SC-ST एक्ट में संशोधन की मांग।
- सवर्ण आयोग के गठन की मांग।
- सभी के लिए समान शिक्षा का अधिकार लागू करने की मांग।
करणी सेना के अध्यक्ष संतोष भदौरिया ने कहा कि सवर्ण समाज के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इन मांगों पर जल्द विचार करने की अपील की।
पुलिस-प्रशासन अलर्ट, सोशल मीडिया पर भी नजर
ग्वालियर बंद और धरना-प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शांतिपूर्ण प्रदर्शन की शर्त पर अनुमति दी गई है। कानून व्यवस्था बिगाड़ने या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की साइबर सेल सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट, अफवाह या आपत्तिजनक सामग्री को फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।
अधिकारियों ने कही शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात
एएसपी सुजावल जग्गा ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सोशल मीडिया गतिविधियों की विशेष मॉनिटरिंग की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
वहीं एसडीएम अतुल सिंह ने कहा कि प्रशासन की ओर से निर्धारित समय तक शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की अनुमति दी गई है। शाम को प्रदर्शनकारियों द्वारा ज्ञापन सौंपे जाने के बाद आंदोलन समाप्त कराया जाएगा।